MP में सुरक्षित नहीं हैं बेटियां, मासूमों के साथ बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश फिर नंबर वन

NCRB रिपोर्ट ने मध्य प्रदेश को किया शर्मसार, एक बार फिर क्राइम कैपिटल बना मध्य प्रदेश, देशभर में बच्चों के लिए सबसे असुरक्षित राज्य बना MP, आदिवासियों उत्पीड़न में भी टॉप पर

Updated: Sep 15, 2021, 04:57 PM IST

MP में सुरक्षित नहीं हैं बेटियां, मासूमों के साथ बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश फिर नंबर वन
Photo Courtesy: India.com

भोपाल। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट ने मध्य प्रदेश को एक बार फिर शर्मसार कर दिया है। एनसीआरबी 2020 रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में बच्चों के लिए मध्य प्रदेश सबसे असुरक्षित राज्य है। मासूम बच्चीयों के साथ बलात्कार में भी एमपी टॉप पर है। इसके अलावा आदिवासी उत्पीड़न के मामलों में भी मध्य प्रदेश ने सभी राज्यों को पछाड़ दिया है।

एनसीआरबी 2020 रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में इस दौरान 2339 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए। यानी प्रतिदिन 6 बेटियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं दर्ज हुईं। आदिवासी उत्पीड़न के मामलों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साल 2020 में आदिवासी उत्पीड़न के करीब 2,401 मामले दर्ज किए गए हैं। 

यह भी पढ़ें: शराबियों की प्यास बुझाने में जुटी BJP सांसद की एम्बुलेंस, इमरजेंसी में देशी ठर्रा पहुंचाने में आ रही काम

एनसीआरबी ने बताया है कि साल 2020 में महिला हिंसा के 25,640 मामले दर्ज किए गए हैं। 2019 के मुकाबले महिला हिंसा में कमी दर्ज की गई है। साल 2019 में 27,560 मामले दर्ज किए गए थे। अपहरण के मामले में मध्य प्रदेश देशभर में पांचवें स्थान पर है। साल 2020 में अपहरण के 7320 मामले दर्ज किए गए। 2019 के मुकाबले इसमें भी कमी आई है। साल 2019 में 9812 केस दर्ज हुए थे।

इसके अलावा हत्या के मामले में मध्य प्रदेश देशभर में चौथे स्थान पर है। साल 2020 में हत्या के 2101 मामले दर्ज किए गए। यह साल 2019 से भी ज्यादा है। साल 2019 में महज 1795 केस दर्ज हुए थे। बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामले में मध्य प्रदेश सबसे अव्वल है, जहां 17, हजार 08 केस दर्ज किए गए हैं।

यह भी पढ़ें: नाबालिग से गैंगरेप मामले में BJP जिलाध्यक्ष को बचा रही है पुलिस, कांग्रेस का गंभीर आरोप

एनसीआरबी रिपोर्ट जारी होने के बाद विपक्ष ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जमकर आलोचना की है। पीसीसी चीफ व पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा है कि, 'यह शिवराज सरकार के 16 वर्षों के विकास की तस्वीर है। जब से प्रदेश में शिवराज सरकार आई है आदिवासी, दलित, शोषित वर्ग पर उत्पीड़न व दमन की घटनाएँ बढ़ी है, दुष्कर्म की घटनाएँ रोज़ घटित हो रही है, अपराधी तत्वों के हौसले बुलंद है, क़ानून का कोई ख़ौफ़ नही बचा है।' 

वहीं, दिग्गज कांग्रेस नेता अरुण यादव ने कहा है कि, 'खुद को महिलाओं का भाई बताने वाले शिवराज सिंह जी जवाब दीजिये, जब आपके राज में प्रतिदिन 6 से ज्यादा बहन- बेटियों की इज्ज़त लूटी जाती है तो आपको नींद कैसे आ जाती है?'