भारत जोड़ो यात्रा की तैयारियां पूरी, MP में 7 लोकसभा और 18 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी कांग्रेस की पदयात्रा

देशभर में 12 राज्यों और 2 UTs से गुजरेगी भारत जोड़ो यात्रा, कन्याकुमारी से कश्मीर तक 3571 किलोमीटर का मार्ग तय करेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता, मध्य प्रदेश में 16 दिनों की यात्रा

Updated: Aug 14, 2022, 11:28 AM IST

भारत जोड़ो यात्रा की तैयारियां पूरी, MP में 7 लोकसभा और 18 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी कांग्रेस की पदयात्रा
Photo Courtesy: TheWire

​​​​​​नई दिल्ली/भोपाल। कांग्रेस की ओर से प्रस्तावित "भारत जोड़ो यात्रा" की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अगले महीने की 7 तारीख को कन्याकुमारी से शुरू होकर यह पदयात्रा 3 हजार 571 किलोमीटर का मार्ग तय कर कश्मीर पहुंचेगी। चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में भी इस यात्रा का अहम पड़ाव होगा।

यात्रा के लिए निर्धारित रूट के मुताबिक मध्य प्रदेश को पैदल पार करने में कांग्रेस पदयात्रियों को 16 दिन लगेंगे। यात्रा पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के जलगांव जामोद से मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। मध्य प्रदेश में पहला पड़ाव बुरहानपुर जिले का बोदारली होगा। 

यहां से खंडवा, सनावद, बड़वाह, इंदौर, उज्जैन होते हुए आगर मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा से राजस्थान के कोटा जिले में जाएगी। यात्रा मप्र के विधानसभा चुनाव के लिहाज से अहम मानी जा रही है। प्लान के मुताबिक एमपी में यह यात्रा नवंबर में पहुंचेगी। 

मध्य प्रदेश में पदयात्री 382 किलोमीटर की यात्रा तय करेंगे। राज्य के 7 लोकसभा और 18 विधानसभा क्षेत्रों से यह गुजरेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी 16 दिनों तक मध्य प्रदेश में ही रहेंगे। एमपी में कांग्रेस के विधायक पीसी शर्मा और जीतू पटवारी को यात्रा के कोऑर्डिनेशन संबंधी जानकारी दी है।

यह पूरी यात्रा करीब 148 दिनों की होगी। देश के 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेश में 68 लोकसभा और 203 विधानसभा क्षेत्र से होकर यात्रा गुजरेगी। भारत जोड़ो यात्रा सेंट्रल प्लानिंग कमेटी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया कि इस यात्रा में देश के कोने कोने से कई अन्य यात्राएं शामिल होंगी। सिंह ने कहा कि, 'भारत जोड़ो यात्रा उन सभी भारतीयों को एक सूत्र में बांधने का एक राष्ट्रीय आंदोलन है। जो लोग नफरत, कट्टरवाद, ध्रुवीकरण की राजनीति से लड़ने के प्रति समर्पित हैं, जो ये मानते हैं की सरकार की ध्यान विभाजनकारी राजनीति के अपेक्षा करोड़ों युवाओं को उत्पादक रोजगार प्रदान करने, करोड़ों परिवारों को असहनीय मूल्यवृद्धि से निजात दिलाने पर होना चाहिए।'