संत समाज के विरोध पर बदली रामायण सर्किट के वेटरों की ड्रेस, भगवा वस्त्र में सर्विस देते नज़र आए थे वेटर

उज्जैन के संत समाज ने वेटरों द्वारा भगवा ड्रेस में सर्विस देने पर आपत्ति जताई थी, संत समाज ने ट्रेन के परिचालन का विरोध करने की धमकी दी थी

Updated: Nov 23, 2021, 08:53 AM IST

संत समाज के विरोध पर बदली रामायण सर्किट के वेटरों की ड्रेस, भगवा वस्त्र में सर्विस देते नज़र आए थे वेटर
Photo Courtesy: Aaj Tak

उज्जैन/भोपाल। रामायण सर्किट में वेटरों की भगवा ड्रेस पर संत समाज द्वारा किए गए कड़े विरोध के बाद भारतीय रेल ने वेटरों की ड्रेस बदल दी है। आईआरसीटीसी ने वेटरों की ड्रेस बदलने का एलान किया है। सोमवार शाम को आईआरसीटीसी ने ड्रेस बदले जाने की जानकारी देते हुए कहा कि ट्रेन के स्टाफ की यूनिफॉर्म को पेशेवर यूनिफॉर्म में बदल दिया गया है। 

दरअसल रामायण सर्किट के वेटरों को भगवा वस्त्रों में देखा गया था। सोशल मीडिया पर भगवा वस्त्र धारण किए वेटरों के वीडियो और तस्वीरें जमकर वायरल हुई थीं। जिनमें वेटर भगवा वस्त्र पहने और गले में रुद्राक्ष की माला लगाए बर्तन उठाते नज़र आए थे। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पर आपत्ति जताई थी।

वहीं उज्जैन के संत समाज को भी रेलवे की यह हरकत नागवार गुजरी। संत समाज ने ट्रेन के परिचालन को बाधित करने की धमकी तक दे डाली। संत समाज ने वेटरों को भगवा ड्रेस धारण करने का विरोध जताते हुए कहा था कि अगर जल्द ही वेटरों की ड्रेस में बदलाव नहीं किया गया, तो 12 दिसंबर को निकलने वाली अगली ट्रेन का संत समाज बड़ी तादाद में विरोध करेगा। इस प्रदर्शन में हजारों हिंदुओं के उतरने की धमकी दी गई थी। 

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प्रदर्शन की धमकी देने के साथ साथ संत समाज की ओर से केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भी लिखा था। केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर बताया गया था कि यह हिंदू धर्म और हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। जिसके बाद कड़े विरोध को देखते हुए वेटरों की ड्रेस को अब बदल दिया गया है।

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रामायण सर्किट ट्रेन भगवान राम से जुड़े तीर्थ स्थलों के दर्शन कराती है। दिल्ली के सफदरजंग से खुलने वाली यह ट्रेन कुल 17 दिनों में पर्यटन और धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराती है। इस अवधि में यह ट्रेन लगभग 7500 किलोमीटर की दूरी तय करती है।