Cow Welfare: गाय का बजट घटाया तो एमपी में बिफरे साधु-संत

Cow Budget in MP: जैनमुनि प्रणाम सागर ने दी चेतावनी, कहा कि अगर सरकार अपना निर्णय नहीं बदलती है तो इसका बुरा परिणाम भुगतना होगा, कंप्यूटर बाबा ने कहा, शिवराज चला रहे हैं गाय मारो योजना

Updated: Aug 31, 2020 11:20 PM IST

Cow Welfare: गाय का बजट घटाया तो एमपी में बिफरे साधु-संत

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने गायों के बजट में कटौती कर दी है, अब एक गाय के लिए सिर्फ 1रुपए 60 पैसे का बजट आवंटित किया गया है। जिसके बाद विपक्ष समेत सभी साधु-संत भी सरकार के इस फैसले के विरोध में उतर आए हैं। नर्मदा नदी न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रहे कंप्यूटर बाबा का कहना है कि शिवराज सरकार ने बजट काटकर 'गाय मारो' योजना बना दी है। वहीं जैनमुनि प्रणाम सागर महाराज का कहना है कि हमारे देश की संस्कृति में पहले गायों को भोजन कराया जाता है, ऐसे में यदि गायों के बजट में कटौती की गई तो सरकार को इसका खामियाजा सरकार को  भुगतना पड़ेगा।  

सरकार ने गायों को भूखा मारने की योजना बनाई

कंप्यूटर बाबा ने शिवराज सरकार को धर्म विरोधी सरकार बताया। उन्होंने कहा कि पिछली कमलनाथ सरकार ने 132 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे, उसमें शिवराज सरकार ने 90% कटौती कर दी है। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि मध्यप्रदेश में सरकार ने प्रदेश की 1300 गौशालाओं में रहने वाली 1.80 लाख गायों के लिए 11 करोड़ रुपये के बजट का आवंटन किया है। इस हिसाब से हर गाय पर करीब 1.60 रुपये खर्च होंगे। जबकि घास की एक गठरी 5 रूपये में आती है, तो 1 रूपया 60 पैसे में गायों का क्या होगा। शिवराज सरकार के इस कदम से गायें भूखी मर जाएंगी।

कंप्यूटर बाबा ने कहा कि प्रदेश का संत समाज गौमाता पर अत्याचार नहीं सहेगा, शिवराज सरकार ने गौमाता को भूखे मारने की योजना बनाई है। कंप्यूटर बाबा मुख्यमंत्री को चेतावनी दी है कि अगर गौशालाओं के बजट में बढ़ोतरी नहीं की गई तो संत समाज इसे लेकर व्यापक स्तर पर प्रदर्शन करेगा।

जैनमुनि प्रणाम सागर महाराज ने शिवराज सरकार को घेरा

वहीं, जैन मुनि प्रणाम सागर महाराज ने भी सरकार द्वारा गौशालाओं के बजट में कटौती की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री इस निर्णय को नहीं बदलते तो इसका बुरा परिणाम भुगतना पड़ेगा। जैन मुनि ने कड़े शब्दों में कहा है कि ‘गाय का भोजन को मत छीनो, गायों के साथ कुठाराघात मत करो । जैनमुनि ने कहा की कोरोना काल कठिन परिस्थिति है, लेकिन गायों को भूखा मारना उचित नहीं है। भारत में तो खुद से पहले गायों को भोजन कराने की परंपरा है। ऐसे में मध्यप्रदेश सरकार गायों के बजट में कटौती कर रही है, इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2020-21 के लिए प्रदेश के 1300 सरकारी गाय आश्रयों के लिए 11 करोड़ रुपये अलॉट किए हैं। इस राशि से करीब 1.8 लाख गायों के भोजन की व्यवस्था होगी। अर्थात एक गाय के लिए करीब 1 रुपया 60 पैसे का बजट रखा गया है। आपको बता दें कि पिछले वित्त वर्ष में गायों के लिए आवंटित बजट 132 करोड़ रुपये था। जिसे अब 90 प्रतिशत घटाकर 11 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं गायों के बजट में की गई कटौती के बारे में पशुपालन मंत्री प्रेम पटेल का कहना है कि यह कोरोना की वजह से किया गया है। उन्होने दावा किया है कि यह बजट जल्द ही बढ़ा दिया जाएगा।