भोपाल और मंदसौर में रहने वाले 6 पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को मिली भारत की नागरिकता

पाकिस्तान से तीन दशक पहले मध्यप्रदेश आए 6 पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को सरकार ने दी भारत की नागरिकता, प्रमाण पत्र पाकर खुशी से झलक उठीं आखें, बोले आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं

Updated: Jul 07, 2021, 04:33 PM IST

भोपाल और मंदसौर में रहने वाले 6 पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को मिली भारत की नागरिकता
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भोपाल। मध्यप्रदेश में रहने वाले 6 पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिल गई है। ये सभी करीब तीस साल पहले पाकिस्तान से भारत आए थे। ये लोग भोपाल और मंदसौर में रह रहे थे। भोपाल में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इन्हें नागरिकता का प्रमाण पत्र सौंप दिया है। भारत की नागरिकता के बिना इन लोगों को कोई बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं थी। जिससे इन लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। प्रमाण पत्र सौंपते हुए गृह मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि शरणार्थियों को नागरिकता अधिनियम 1955 के अंतर्गत भारतीय नागरिकता का प्रमाण-पत्र सौंपा गया है। इस प्रमाण पत्र के मिलने से अब ये लोग भारत के नागरिक के रुप में सम्मान पाएंगे और इन्हें जीवन के बुनियादी अधिकार भी मिल सकेंगे।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के आवास स्थित दफ्तर में इन शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र दिया गया। भारत की नागरिकता पाने वाले ये लोग सिंधी समाज के हैं, दो लोग भोपाल और 4 लोग मंदसौर में रहते थे। अर्जुन दास, जयराम दास, नारायण दास और सौशल्या बाई मंदसौर से हैं, वहीं नंदलाल और अमित कुमार भोपाल के बैरागढ़ में रहते थे।

 इस दौरान इन शरणार्थियों ने खुद पर हुए अत्याचार की दास्तान भी सुनाई। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार किया जाता है, वहां मंदिरों में पूजा नहीं करने दी जाती, मंदिरों को नुकसान पहुंचाया जाता है। ये सभी लोग करीब 32 साल पहले पाकिस्तान से भारत आए थे। कुछ लोगों ने मंदसौर में तो कुछ ने भोपाल में शरण ले रखी थी। तीन दशक से वे भारतीय नागरिकता के लिए प्रयास कर रहे थे। उनका कहना था कि कुछ भी हो जाए वापस लौटकर पाकिस्तान नहीं जाना है।

भारत की नागरिकता पाने के बाद सभी लोग काफी खुश नजर आ रहे थे। इनके चेहरे पर नागरिकता मिलने की खुशी आसानी से देखी जा सकती थी। इस मौके पर अमित कुमार ने कहा कि अब तक शारणार्थी जीवन बिता रहे थे, अब देश में ही अपने नाम से जमीन और दुकान ले कर काम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं है। हिंदुओं पर होने वाले जुल्मों से तंग आकर भारत में शरण लेने वाले परिवारों ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी देश में महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ होता है।