ग्वालियर के अस्पताल में आग लगने के बाद ख़राब मशीनों पर उठे सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ग्वालियर के अस्पताल में ख़राब मशीनों में विस्फोट के कारण लगी आग, फ़ायर एलार्म लगे तो हैं लेकिन बजे नहीं

Updated: Nov 24, 2020, 05:53 PM IST

ग्वालियर के अस्पताल में आग लगने के बाद ख़राब मशीनों पर उठे सवाल
Photo Courtesy: News 18

ग्वालियर। ग्वालियर के सुपर स्पेशियलिटी कोविड अस्पताल में शनिवार को लगी आग ने वहां लगी मशीनों की क्वॉलिटी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप लग रहे हैं कि अस्पताल के ICU में लगी आग की बड़ी वजह वहां लगी मशीनों का खराब क्वॉलिटी थी। इसके अलावा अस्पताल के फायर फाइटिंग सिस्टम के ठीक से काम न करने की बात भी सामने आ रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करोड़ों की लागत से बने इस आधुनिक अस्पतालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई तैयारी नहीं है। गौरतलब है कि शनिवार को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के आइसीयू में आग लग गई लगी। वेंटिलेटर धू-धू कर जलने लगे। लेकिन आरोप है कि अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम लगा होने के बावजूद अलार्म एक बार भी नहीं बजा। जिससे साफ पता चलता है कि अस्पताल में गुणवत्ता की कमी है।

165 करोड़ की लागत से बने इस आधुनिक अस्पताल में कई और खामियां भी देखने को मिल रही हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल में दिल्ली से आई नई मशीनों की हालत भी बेहद खराब है। आधुनिक अस्पताल में दिल्ली की कंपनी द्वारा 30 हाइफ्लो ऑक्सीजन मशीन सप्लाई की गई। इनमें से एक मशीन रखे-रखे खराब हो गई और दो में विस्फोट हो चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार को मशीन में हुए विस्फोट से तीन लोगों की जान चली गई।

ऐसी खराब मशीनों का आधुनिक अस्पताल में होना यह साबित करता है कि यहां लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। अस्पताल में ऐसी कई मशीन हैं जिनकी गुणवत्ता की जांच अभी तक नहीं हुई है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन कुछ कहने के लिए तैयार नही है। जहां एक तरफ पूरा देश कोरोना वायरस से लड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ ऐसी लाचार चिकित्सा व्यवस्था, वो भी कोविड 19 के इलाज़ के लिए अधिकृत किए गए सुपर-स्पेश्यालिटी अस्पताल में। इससे तो यही सवाल उठ रहा है कि क्या हम कोरोना वायरस के खिलाफ जंग ऐसे ही जीतेंगे।