महिलाओं के शरीर में परियों का हुआ आगमन, उनके हाथों से पानी पीने वाले को नहीं होता कोरोना

राजगढ़ जिले के चाटुखेडा गांव का मामला, गांव में फैली महिलाओं के शरीर में परियों के आगमन की अफवाह, महिलाओं के हाथों से पानी पीने के लिए टूट पड़े लोग, कोरोना नियमों की उड़ी धज्जियां

Updated: Jun 02, 2021, 12:07 PM IST

महिलाओं के शरीर में परियों का हुआ आगमन, उनके हाथों से पानी पीने वाले को नहीं होता कोरोना

राजगढ़। कोरोना के संकट काल के बीच लोगों के भीतर से अंधविश्वास का संक्रमण खत्म लेने का नाम नहीं ले रहा है। कभी चमत्कारी दवा, कभी हवन और अब महिलाओं के हाथों से पानी पीने जैसा अंधविश्वास भी सामने आ रहा है। राजगढ़ जिले में इस समय यह अफवाह जोरों पर है कि दो महिलाओं के शरीर में परियों का आगमन हुआ है, और इन महिलाओं के हाथों से अगर कोई व्यक्ति पानी पिएगा तो उसे कोरोना नहीं होगा।

मंगलवार को इसी अंधविश्वास का भयभीत करने वाला नज़ारा दिखाई दिया। राजगढ़ जिले के चाटुखेडा गांव में भारी संख्या लोग दोनों महिलाओं के हाथ से पानी पीने के लिए इकट्ठा हो गए। इस दौरान भीड़ इतनी बढ़ गई कि कोरोना के तमाम नियम ताक पर रख दिए गए। ढोल नगाड़ों के शोर के बीच लोग परियों के हाथों से जल ग्रहण करने पहुंच गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। 

चाटुखेडा गांव में यह अफवाह आग की तरह फैल गई कि गांव में रहने वाली दो महिलाओं के शरीर में परियों का आगमन हुआ है। जो कोई भी व्यक्ति इनके हाथों से जल ग्रहण करेगा, उसे कोरोना का संक्रमण नहीं होगा। बस, फिर क्या था? अफवाह फैलते ही पूरे गांव महिलाओं के घर पर उनके हाथों से पानी पीने के लिए टूट पड़ा। अंधविश्वास की इस जहालत की खबर लगने पर जब स्थानीय मीडिया ने एक ग्रामीण से बात की तब ग्रामीण का यही कहना था कि महिलाओं के हाथ से पानी पीने का असर हो रहा है, और जो भी लोग महिलाओं के हाथ से पानी पिएंगे, उन्हें कोरोना नहीं होगा।