Ujjain Hooch Case: जहरीली शराब कांड में एसपी को हटाया, सीएसपी सस्पेंड, SIT रिपोर्ट के बाद कार्रवाई

MP Hooch Tragedy: जहरीली शराब पीने से हुई थी 14 लोगों की मौत, SIT की जांच में प्रशासनिक मिलीभगत से अवैध शराब बनाए जाने का हुआ खुलासा

Updated: Oct 18, 2020, 02:45 PM IST

Ujjain Hooch Case: जहरीली शराब कांड में एसपी को हटाया, सीएसपी सस्पेंड, SIT रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
Photo Courtesy: Dainikbhaskar

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में जहरीली शराब से हुई 14 मौतों के मामले में एसआईटी जांच रिपोर्ट आने के बाद दो बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी है। प्रदेश सरकार ने उज्जैन के एसपी मनोज सिंह का तबादला कर दिया है, जबकि सीएसपी रजनीश कश्यप को निलंबित करने का निर्देश दिया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को एसआईटी टीम के साथ बैठक के बाद यह कार्रवाई की है।

अबतक हो चुकी है 146 लोगों की गिरफ्तारी

उज्जैन शराबकांड में प्रशासनिक मिलीभगत की खबर आने के बाद चौतरफा आलोचनाओं से घिरी प्रदेश की शिवराज सरकार ने आनन फानन में कड़ी करवाई के निर्देश दिए हैं। मामले में अबतक कुल 146 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि अधिकारियों के पहले कई पुलिसकर्मियों का भी निलंबन हो चुका है। लापरवाही के आरोप में खाराकुआं थाना प्रभारी एमएल मीणा और एसआई निरंजन शर्मा पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। इसके अलावा शराब कारोबार के सरगना खाराकुआं थाने के कांस्टेबल नवाज शरीफ और अनवर शेख को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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दोनों पुलिसकर्मियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा

जहरीली शराब के काले धंधे के सरगना माने जा रहे नवाज और अनवर शेख को शनिवार को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिसकर्मियों की मिलीभगत का मामला सामने आते ही पहले सिपाही इंद्रविक्रम उर्फ बंटी और सुदेश खाड़े को सस्पेंड किया गया था। जहरीली शराब बनाने से लेकर अन्य मामलों में चारों का नगर निगम कर्मी सिकंदर और गब्बर से गठजोड़ बताया जा रहा है। मामले में सिकंदर और गब्बर को भी नगर निगम से बर्खास्त कर दिया गया है।

विपक्ष के आरोपों के बाद सरकार ने दिखाई गंभीरता

दरअसल, 3 दिन पहले जहरीली शराब पीने से उज्जैन में 36 घण्टे में 14 लोगों की मौत हो गई थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि शिवराज के सत्ता में आते ही प्रदेश ने माफियाराज सक्रिय हो गया है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा था कि, 'पूरी सरकार चुनावों, अभियानों और कैम्पेन में लगी हुई है। प्रदेश में सरकार नाम की चीज नहीं है, कानून की स्थिति बदतर है और जनता भगवान भरोसे है।

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चौतरफा किरकिरी होने के बाद शिवराज सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए जब एसआईटी जांच के आदेश दिए तब नजारा ही कुछ और देखने को मिला था। एसआईटी की टीम ने खुलासा किया कि उज्जैन नगर निगम के पुराने कार्यालय में ही अवैध शराब का गोरखधंधा चल रहा था जिसमें प्रशासनिक मिलीभगत थी।