Ujjain Police: पुलिस ने पहले माला पहनाई फिर भेजा जेल, कहीं ऐसा भी होता है

वारंट की खबर मिलने पर 1400 किलोमीटर साइकिल चलाकर गिरफ्तारी देने उज्जैन पहुंचा युवक, पैसे खत्म होने पर रास्ते में तीन दिन की मजदूरी

Updated: Oct 09, 2020, 10:27 PM IST

Ujjain Police: पुलिस ने पहले माला पहनाई फिर भेजा जेल, कहीं ऐसा भी होता है
Photo Courtsey: twitter

उज्जैन। यह वाकया पुलिस के लिए भी नया है और सुनने-पढ़ने वालों के लिए भी। पुलिस किसी को गिरफ्तार करने से पहले माला पहनाए और वो भी एक गरीब और मेहनतकश इंसान को, आमतौर पर ऐसा कहां होता है। लेकिन उज्जैन में ऐसा ही हुआ, जब मुकेश नाम का युवक गिरफ्तारी देने के लिए शहर के नागझिरी थाने में पहुंचा। यह कहानी इतनी दिलचस्प है कि पूरी पढ़ने के बाद आप भी सोचेंगे, कहीं ऐसा भी होता है!

दरअसल उज्जैन के नागझिरी इलाके के रहने वाले रामचंद्र लोहार के बेटे मुकेश पर साल 2014 में अपने किसी रिश्तेदार के साथ मारपीट का आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली थी। लेकिन उस वक्त मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ा। इस बीच, मुकेश ने बिहार के सीतामढ़ी जिले की एक युवती के साथ शादी कर ली और फिर सीतामढ़ी में ही बस गया। इधर, उज्जैन में दर्ज एफआईआर के मामले में कोर्ट से मुकेश के खिलाफ वारंट जारी हो गया। उज्जैन पुलिस ने जब मुकेश को गिरफ्तार करने के लिए छानबीन की तो पता चला कि वह अब बिहार में रहता है।

पुलिस ने फोन पर दी वारंट की जानकारी

पुलिस ने किसी तरह मुकेश का मोबाइल नंबर पता करके उसे कॉल किया। पुलिस ने जब मुकेश को बताया कि कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है, तो पहले तो वह घबरा गया। लेकिन पुलिस ने उसे समझाया कि अगर वह यहां आकर खुद पेश हो जाएगा तो मामला जल्दी सुलझ जाएगा। 

1400 किलोमीटर साइकिल चलाकर गिरफ्तारी देने पहुंचा उज्जैन

पुलिस के समझाने पर उसने उज्जैन आकर समर्पण करने का फैसला किया। लेकिन मुकेश को सीतामढ़ी से उज्जैन आने के किए कोई सीधी ट्रेन या बस नहीं मिली। पैसों की तंगी भी थी। इन हालात में उसने साइकिल से ही उज्जैन आने का मन बनाया और निकल पड़ा। मुकेश को सीतामढ़ी से उज्जैन आने में कुल दो हफ्ते का समय लगा। इस दौरान उसने तकरीबन 1400 किलोमीटर का सफर तय किया।

पैसे खत्म होने के बाद तीन दिन की मजदूरी

साइकिल से उज्जैन आते वक्त मुकेश के पैसे भी खत्म हो गए। इसके बाद उसने कई दिनों तक रास्ते में रुककर मजदूरी की। जब कुछ रुपये जमा हो गए तो वह फिर से उज्जैन के लिए रवाना हुआ। आखिरकार गुरुवार को वह जब उज्जैन के नागझिरी थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मी उसे देखकर हैरान रह गए। उसकी पूरी आपबीती सुनने के बाद पुलिसकर्मी इतने प्रभावित हुए कि फूलों का हार पहनाकर उसका अभिनंदन किया और उसके साथ तस्वीरें भी खिंचवाई। फिलहाल उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।