वडोदरा में भीषण सड़क हादसा, ट्रक और बस की टक्कर में 6 की मौत और 27 घायल

गुजरात के वडोदरा में बुधवार तड़के कोटांबी स्टेडियम के पास राजस्थान से सूरत जा रही लग्जरी बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में 9 वर्षीय बच्चे समेत 6 लोगों की मौत हो गई। जबकि, 27 यात्री घायल हुए।

Updated: Jun 17, 2026, 12:30 PM IST

वडोदरा। गुजरात के वडोदरा में बुधवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। जबकि, 27 यात्री घायल हो गए। हादसा सुबह करीब 4 बजे कोटांबी स्टेडियम के पास हुआ। राजस्थान से सूरत जा रही एक लग्जरी कोच सड़क किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से तेज रफ्तार में जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री उसके भीतर फंस गए।

हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वडोदरा फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंची। संयुक्त रूप से चलाए गए राहत एवं बचाव अभियान में बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रक को हटाकर सड़क पर यातायात बहाल किया गया।

बताया गया कि यह लग्जरी बस बालाजी ट्रेवल्स की थी। जो राजस्थान के बांसवाड़ा से सूरत जा रही थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे। उन्हें निकालने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।

घायल यात्री बंसीलाल राणे ने बताया कि वह काम के सिलसिले में राजस्थान से सूरत जा रहे थे और हादसे के समय सो रहे थे। उनके अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि ऐसा लगा जैसे जोरदार बिजली का झटका लगा हो। उन्होंने बताया कि उनके साथ परिचित दो अन्य युवक भी उसी बस में सफर कर रहे थे।

एनडीआरएफ की छठी बटालियन के कमांडेंट सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम को सुबह करीब 4:40 बजे दुर्घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर रवाना की गई। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि यात्री बस ट्रक से बुरी तरह टकराई है। इसके बाद कटिंग टूल्स और अन्य विशेष उपकरणों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया।

कमांडेंट ने बताया कि अब तक 27 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। जबकि, मलबे से छह शव बरामद किए गए हैं। सभी शवों को अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए तलाशी अभियान जारी रखा गया कि वाहन के भीतर कोई अन्य यात्री फंसा न रह गया हो।

राहत कार्य के दौरान डॉक्टरों और एंबुलेंस की भी मौके पर तैनाती की गई थी। जिससे घायलों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके। इस संयुक्त अभियान में एनडीआरएफ की दो टीमों के अलावा एसडीआरएफ, सिविल पुलिस और फायर सर्विस के जवान भी शामिल रहे।

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 30 वर्षीय विनोद नरेश डामोर, 34 वर्षीय मुकेश जीवाजी डिंडोर, 9 वर्षीय प्रीत हितेश भाटिया, 68 वर्षीय महेंद्रकुमार भोगीलाल पंड्या और पिंकी भाटिया के रूप में हुई है। जबकि एक मृतक पुरुष की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

घायलों में कमलेशभाई कटारा, रामचंद्र डोरिया (26), महेंद्र कटारा (32), आशीष कटारा (10), जीवराजभाई (27), पंकजभाई (30), विजय कटारा (22), एक अज्ञात पुरुष (29), सागर कटारा (45), कल्पेश गायर (20), धर्मिष्ठा (36), रमेशभाई (28), हर्षजीत कटारा (30), मनीषा रावल (16), शिल्पा पाटीदार (23), आशीष यादव (12), बंसीलाल राणे (20), गुंजनबेन (22), पिंटू चारपोट (25), भेरूलाल मीणा (34), सीमा यादव (35), भगवतीभाई (40), पायलबेन नाई (35), सुरेशभाई डिंडोर (22), पंकजभाई चारपोट (25), मायाबेन पाटीदार (30) और पिंकी रावल (40) शामिल हैं। सभी का इलाज एसएसजी अस्पताल में जारी है।