Narendra Tomar: किसान आंदोलन छोड़ें ताकि वे भी परेशान न हों और दिल्ली के लोग भी चैन से जी सकें

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का दावा, मोदी सरकार जो भी करेगी किसानों के हित में ही करेगी, MSP और सरकारी मंडियों पर कोई खतरा नहीं

Updated: Dec 06, 2020, 02:52 AM IST

Narendra Tomar: किसान आंदोलन छोड़ें ताकि वे भी परेशान न हों और दिल्ली के लोग भी चैन से जी सकें
Photo Courtesy: ANI/Twitter

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान संगठनों से अपील की है कि वे सर्दी के मौसम और कोविड महामारी को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों को घर वापस भेज दें, ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो। तोमर ने किसानों से यह अपील भी की है कि वे आंदोलन बंद कर दे ताकि सर्दी के इस मौसम में उन्हें परेशानी न उठानी पड़े और दिल्ली के नागरिक भी चैन की ज़िंदगी जी सकें।

तोमर ने कहा कि किसानों को मोदी सरकार पर भरोसा रखना चाहिए। उन्हें ये मानकर चलना चाहिए कि मोदी सरकार जो भी करेगी उनके हित में ही करेगी। सरकार और किसानों के बीच शनिवार की बातचीत बेनतीजा ख़त्म होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए तोमर ने कहा कि सरकार किसानों को भरोसा दिलाना चाहती है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जारी रहेगा। MSP पर किसी भी प्रकार का खतरा और इस पर शंका करना बेबुनियाद है। अगर फिर भी किसी के मन में शंका है तो सरकार उसका समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

आठ दिसंबर को किसानों के बुलाए भारत बंद के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसान संगठनों के कार्यक्रम के बारे में वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। लेकिन सरकार सभी यूनियनों और किसान नेताओं से अपील कर रही है कि वे आंदोलन का रास्ता छोड़ चर्चा के रास्ते पर आएं। भारत सरकार कई दौर की चर्चा कर चुकी है और समाधान के लिए आगे भी चर्चा करने को तैयार है।

नए क़ानून की वजह से सरकारी मंडियों के ख़त्म होने की आशंकाओं के बारे में कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि सरकारी मंडियों पर लागू होने वाला APMC एक्ट राज्यों का कानून है। राज्यों की मंडी को किसी भी तरह से प्रभावित करने का न तो मोदी सरकार का कोई इरादा है और न ही नए कानून का उन पर कोई असर पड़ता है। तोमर ने ये दावा भी किया कि मोदी सरकार इसे और मज़बूत करने के लिए भी तैयार है। अगर इस बारे में किसी को कोई गलतफहमी है तो सरकार उनके समाधान के लिए भी तैयार है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती था कि किसानों से बातचीत के दौरान हमें स्पष्टता से सुझाव मिलें, लेकिन बातचीत के दौर से ये संभव नहीं हो सका। कुछ सुझाव मिल जाते तो हमें रास्ता निकालना थोड़ा आसान हो जाता। उन्होंने कहा कि हम अब भी उनके सुझावों का इंतज़ार करेंगे।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार किसानों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों की भलाई के लिए कई योजनाएँ शुरू की गई हैं। एमएसपी और कृषि बजट में बढ़ोतरी भी की गई है। किसानों के साथ सरकार की बैठक में बीजेपी की तरफ से शामिल होने वाले नेगोशिएटर हरजीत सिंह ग्रेवाल ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 9 तारीख को किसानों की समस्याओं का कोई न कोई समाधान निकल आएगा और आंदोलन समाप्त हो जाएगा।