कोयला खनन को लेकर राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकार में तकरार, UPA चेयरपर्सन तक पहुंचा मामला

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल की शिकायत की है, सीएम गहलोत ने कहा है कि बघेल सरकार खनन की मंजूरी नहीं दे रही है

Updated: Dec 20, 2021, 03:23 PM IST

कोयला खनन को लेकर राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकार में तकरार, UPA चेयरपर्सन तक पहुंचा मामला

नई दिल्ली। कोयला खनन को लेकर कांग्रेस शासित दो प्रदेशों में विवाद हो गया है। राजस्थान सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार पर विधुत परियोजनाओं के लिए कोयला खनन की मंजूरी नहीं देने का आरोप लगाया है। मामले में राजस्थान सीएम अशोक गहलोत ने यूपीए चेयरपर्सन व कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी गांधी को पत्र लिखा है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को संबोधित पत्र में सीएम गहलोत ने छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल की शिकायत की है। सीएम गहलोत ने लिखा है कि, 'छत्तीसगढ़ स्थित परसा कोयला खदान में राजस्थान सरकार को खनन परमिट नहीं मिल रहा है। इस वजह से प्रदेश में 4340 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप हो सकता है।'

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सीएम गहलोत ने पत्र में आगे लिखा है कि, 'केंद्र ने राजस्थान सरकार को परसा ईस्ट, कांटे एक्सटेंशन और सरगुजा में 1,136 हेक्टेयर की कोयला खदानें आवंटित की है। लेकिन पर्यावरण मंजूरी के दूसरे चरण के लागू होने के कारण राज्य की पंचायतों से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार को पहल करनी होगी ताकि हम वहां खनन प्रारंभ कर सकें। छत्तीसगढ़ सीएम को बार-बार पत्र लिखने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।'

सीएम गहलोत के मुताबिक कोयला न होने के कारण राजस्थान सरकार को बिजली की कीमत 33 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे राजस्थान देश के सबसे महंगे बिजली विक्रेता में से एक बन गया। राजस्थान सीएम ने सोनिया गांधी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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दरअसल, छत्तीसगढ़ में पर्यावरण एक्टिविस्ट, स्थानीय आदिवासी समूह व अन्य संगठनों द्वारा कोयला उत्खनन का लगातार विरोध हो रहा है। लोगों का विरोध देखते हुए राज्य सरकार खनन को मंजूरी देने में हिचक रही है। चूंकि लोग कई दिनों से धरने पर बैठे हैं और मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है, सीएम बघेल विरोध को रोकने के लिए बलप्रयोग करना भी नहीं चाहते हैं। लेकिन अब इसका असर पार्टी फोरम पर दिखने लगा है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष इस मामले का समाधान कैसे करती हैं।