ऑयल इंडिया हेडक्वार्टर पर सबसे बड़ा साइबर अटैक, हैकर्स ने की बिटकॉयन में 60 करोड़ रुपए की मांग

ऑयल इंडिया ने साइबर अटैक के बाद कार्यालय के सभी कंप्यूटर और आईटी सिस्टम बंद कर दिए हैं, कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा की ये एक गंभीर और मजबूत वायरस है, हम विदेशी एक्सपर्ट्स की भी सहायता ले रहे हैं

Updated: Apr 14, 2022, 08:57 AM IST

ऑयल इंडिया हेडक्वार्टर पर सबसे बड़ा साइबर अटैक, हैकर्स ने की बिटकॉयन में 60 करोड़ रुपए की मांग

गुवाहाटी। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड का असम के डिब्रूगढ़ जिले के दुलियाजान में स्थित हेडक्वार्टर साइबर अटैक का शिकार हुआ है। इस अटैक के कारण कंपनी ने कार्यालय के सभी कंप्यूटर और आईटी सिस्टम बंद कर दिए हैं। कंपनी के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

ऑयल इंडिया के प्रवक्ता त्रिदीव हज़ारिका ने मीडिया से कहा, ‘ये एक वायरस है। ये गंभीर और बेहद मज़बूत वायरस है। इसने हमारे कुछ सर्वर्स को प्रभावित किया है- जिनकी मरम्मत में समय लगेगा। हम विदेशी एक्सपर्ट्स की भी सहायता ले रहे हैं। हालांकि, अभी तक कोई डेटा से छेड़छाड़ नहीं हुआ है। ये सबसे बड़ा साइबर हमला है जिसका हमने हाल के वर्षों में सामना किया है।'

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त्रिदीव हजारिका के मुताबिक कार्यालय के सभी सिस्टम सोमवार से बंद हैं और इस समस्या को हल करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा, 'सोमवार को जब हमें पता चला कि तीन से चार कंप्यूटर एक वायरस की चपेट में आ गए, तो हमें अपने सभी कंप्यूटर सिस्टम को लैन कनेक्शन से हटाना पड़ा। मुख्यालय के किसी भी कंप्यूटर में अब इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है।'

डिब्रूगढ़ पुलिस अधीक्षक (SP) श्वेतांक मिश्रा ने बताया कि हैकरों ने 196 बिटकॉयंस की फिरौती मांगी है- जो क़रीब 60 करोड़ रुपए बैठती है। ये पूछने पर कि क्या किसी डेटा के साथ छेड़छाड़ हुई है, उन्होंने कहा, 'अभी हिसाब-किताब लगाया जा रहा है, अभी बस यही पता चला है कि ये एक रैंसमवेयर अटैक यानी फिरौती के लिए किया गया हमला है। दुलियाजान पुलिस थाने में सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट की विभिन्न धाराओं और भारतीय दंड संहिता की धारा 385 (जबरन वसूली) के अंतर्गत एक एफआईआर दर्ज की गई है।