अर्णब की अंतरिम ज़मानत पर बॉम्बे हाईकोर्ट में फ़ैसला आज

Arnab Goswami: अर्णब की अंतरिम जमानत की अर्जी पर अदालत ने शनिवार को की थी सुनवाई, सुरक्षित रखा था फैसला

Updated: Nov 09, 2020, 09:22 AM IST

अर्णब की अंतरिम ज़मानत पर बॉम्बे हाईकोर्ट में फ़ैसला आज
Photo Courtesy: The Print

मुंबई। रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी की अंतरिम जमानत की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट आज फैसला सुनाएगा। अर्णब के साथ ही गिरफ्तार दो और आरोपियों की जमानत की अर्जी पर भी आज ही फैसला होना है। इन सभी को साल 2018 में एक इंटीनियर डिजाइनर को खुदकुशी के उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अर्णब समेत सभी आरोपियों ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए अदालत में चुनौती दी है। 

आज 3 बजे के बाद आ सकता है फैसला

हाईकोर्ट की वेबसाइट पर जारी नोटिस में कहा है गया कि इस मामले में कोर्ट अपना फैसला 9 नवबंर को यानि आज दोपहर 3 बजे के बाद सुनाएगी। अदालत ने शनिवार को कहा था कि इस मामले के लंबित रहने तक याचिकाकर्ताओं पर नियमित जमानत के लिए संबंधित निचली अदालत जाने पर रोक नहीं है। अगर ऐसी याचिकाएं दायर की जाती हैं तो सत्र अदालत याचिका दायर किए जाने के चार दिन के अंदर उन पर सुनवाई करके फैसला ले सकता है।

जस्टिस एसएस शिंदे और एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने इन याचिकाओं पर शनिवार को करीब 6 घंटे तक सुनवाई की थी, लेकिन तत्काल कोई राहत नहीं दी थी। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अर्णब स्वामी और दो अन्य आरोपियों फिरोज शेख और नीतीश सारदा ने अपनी गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताते हुए अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने की अपील की थी। 

खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार हैं

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले की अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी समेत तीन लोगों को आर्किटेक्ट और इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां की वर्ष 2018 में खुदकुशी के सिलसिले में 4 नवंबर को गिरफ्तार किया था। दोनों ने कथित तौर पर आरोपियों की कंपनियों द्वारा बकाए का भुगतान नहीं किए जाने पर खुदकुशी कर ली थी। 

रविवार को तलोजा जेल भेजा गया

गोस्वामी को रविवार को तलोजा जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि वे अस्थायी जेल में अपने मोबाइल के जरिये सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे थे। गोस्वामी को मुंबई के लोअर परेल स्थित आवास से गिरफ्तार करने के बाद अलीबाग ले जाया गया था, जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें और दो अन्य आरोपियों को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।