सड़कें बंगाल की, फैक्ट्री अमेरिका की, प्रचार योगी का, चोरी का विकास दिखा बुरे फंसे सीएम योगी

अखबार में छपे फर्जी फ़ोटो वाले विज्ञापन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पिटी भद्द, कोलकाता की मां फ्लाईओवर और अमेरिकी फैक्ट्री बनवाने का लिया क्रेडिट, सोशल मीडिया यूजर्स ने खोला झूठ का पोल

Updated: Sep 12, 2021, 05:08 PM IST

सड़कें बंगाल की, फैक्ट्री अमेरिका की, प्रचार योगी का, चोरी का विकास दिखा बुरे फंसे सीएम योगी
Photo Courtesy: India express

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर मिशन मोड़ में जुटी बीजेपी विज्ञापनों में जमकर पैसे खर्च कर रही है। विज्ञापनों में योगी मॉडल को सर्वश्रेष्ठ दिखाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने दूसरों के विकास का भी क्रेडिट लेना शुरु कर दिया है। प्रमुख अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के फर्स्ट पेज विज्ञापन में योगी आदित्यनाथ में बंगाल के फ्लाईओवर और अमेरिका की फैक्ट्री को यूपी में बीजेपी के विकास मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया है। 

दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ ने बदलते उत्तरप्रदेश थीम पर विज्ञापन छपवाया है। इसमें बड़ी-बड़ी बिल्डिंग्स, फ्लाईओवर और फैक्टरियां दिखाई गई हैं। बताया जा रहा है कि योगी के सीएम बनने के बाद उत्तर प्रदेश में यह विकास हुआ है। हालांकि, सरकार का झूठ सोशल मीडिया यूजर्स से तुरंत पकड़ लिया। इसमें जिस फ्लाईओवर को दिखाया गया है वह कोलकाता का मां फ्लाईओवर है। सीएम ममता मनर्जी ने साल 2015 में इसका उद्घाटन किया था। 

ममता ने मां, माटी, मानुष योजना की तर्ज पर इस फ्लाईओवर का नाम मां फ्लाईओवर दिया था। विज्ञापन में फ्लाईओवर पर दिख रही पीली टैक्सी जो आमतौर पर कोलकाता में चलती हैं, वह इस बात की सबूत मानी जा रही हैं कि यह तस्वीर उत्तर प्रदेश की नहीं है। विज्ञापन में जो ऊंची ऊंची इमारतें दिखायी गयी हैं, वह भी मां फ्लाई ओवर के पास में बने हुए होटेल की बतायी जा रही हैं। इसके अलावा जो फैक्टरियां और इंजीनियर दिखाए गए हैं वह अमेरिकी कंपनी HSE Vision की वेबसाइट से ली गई हैं, जो यह साबित करता है कि विकास का यह खोखला दावा जनता को पसंद नहीं आ रहा है। 

सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन को लेकर योगी सरकार की जबरदस्त फजीहत हो रही है। ममता बनर्जी के भतीजे व टीएसमी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इसे ट्वीट करते हुए लिखा है कि योगी आदित्यनाथ के लिए बदलते उत्तरप्रदेश का मतलब ममता बनर्जी के नेतृत्व में निर्मित इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीरें चुराकर उसे अपना बताना है। ऐसा प्रतीत होता है कि डबल इंजन मॉडल उत्तर प्रदेश में दयनीय तरीके से फेल हो गया है। 

रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि अब बेचारी रोड तो दुर्गेश नहीं है जो झूठ बोले कि मुझे योगी जी ने बनाया है। बता दें कि कुछ साल पहले एक विज्ञापन में दुर्गेश नाम के आदमी को नौकरी देने का दावा करते हुए विज्ञापन दिया गया था। हालांकि, दुर्गेश बेरोजगार था और उसने योगी सरकार की पोल खोल दी थी। सिंह ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है कि राम-राम जपना पराया माल अपना। 

पत्रकार अशोक कुमार पांडेय ने इसपर तंज कसते हुए लिखा है कि, 'जो लोग कलकत्ता की सड़क और अमेरिका की फैक्ट्री की फ़ोटो लगाने के लिए जोगी जी की कड़ी निंदा कर रहे हैं, मैं उनकी बहुते कड़ी निंदा कर रहा हूँ। अगर जोगी जी ने भयंकर बेरोज़गारी न लाई होती यूपी में तो कोलकाता वालों को सड़क बनाने के लिए मजदूर कहाँ से मिलते? तो उनका हक है उस सड़क पर!' 

योगी सरकार की फजीहत ऐसे समय में हो रही है जब कल ही बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने औपचारिक रूप से उत्तर प्रदेश चुनाव का बिगुल फूंका है। नड्डा ने चुनाव के मद्देनजर बूथ विजय अभियान को लॉन्च किया था।