सत्याग्रह पर बैठे राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया, ED के दुरुपयोग के खिलाफ देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी नेशनल हेराल्ड मामले में दूसरे दौर में अपना बयान दर्ज कराने के लिए दिल्ली में ईडी कार्यालय पहुंच गई हैं। उनके साथ प्रियंका गांधी भी मौजूद हैं।

Updated: Jul 26, 2022, 01:05 PM IST

सत्याग्रह पर बैठे राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया, ED के दुरुपयोग के खिलाफ देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंच गई हैं। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी मौजूद हैं। इधर संसद भवन में कांग्रेस ने सत्याग्रह शुरू किया था। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि, अब खबर आई है की पुलिस ने धरने पर बैठे राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया है। 

दिल्ली पुलिस द्वारा राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने ट्वीट किया, 'करके राहुल गांधी को गिरफ्तार,हौसले तोड़ नहीं पाएगी सरकार।।संसद के जिस आंगन से तानाशाही हुकूमत ने राहुल गांधी को गिरफ्तार किया है, भाजपा को वहां भी मुँह तोड़ जवाब मिलेगा।'

दरअसल, सोनिया गांधी से पूछताछ के विरोध में कांग्रेस ने देशभर में सत्याग्रह करने का निर्णय लिया था। दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ता राजघाट पर सत्याग्रह शुरू करने वाले थे। हालांकि, वहां परमिशन कैंसिल कर दिया गया। इलाके में पुलिस ने धारा 144 लागू कर दी। इसके बाद कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के समीप प्रदर्शन शुरू किया।

सोनिया गांधी से पूछताछ का विरोध कर रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लेना शुरू कर दिया। खबर है कि इमरान प्रतापगढ़ी, केसी वेणुगोपाल, दीपेंद्र हुड्डा समेत कई नेता पुलिस वैन में मौजूद हैं। इस दौरान कांग्रेस सांसदों के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा बदसलूकी की भी तस्वीरें सामने आई। इसमें देखा जा सकता है कि पुलिस गलत तरीके से सांसदों को उठाकर ले जा रही है।

कांग्रेस सांसदों को पुलिस ने बस में बिठा लिया है। उन्हें किसी अज्ञात जगह पर ले जाया जा रहा है। ये सभी सांसद विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च करने निकले थे। इससे पहले कांग्रेस नेता अजय माकन ने सुबह कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया।

अजय माकन ने कहा कि, 'बहुत ही दुख की बात है कि भारत सरकार ने राजघाट के ऊपर, महात्मा गांधी की समाधि के के पास प्रमुख विपक्षी पार्टी को सत्याग्रह से मना कर दिया। 5 जून 2011 को जिस भाजपा ने राजघाट पर बाबा रामदेव के समर्थन में डांस पार्टी किया था, उसी भाजपा ने आज कांग्रेस को राजघाट पर सत्याग्रह करने से मना कर दिया। इससे ज्यादा शर्म की बात नहीं हो सकती।'

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि, 'राजघाट में गांधी जी की समाधि पर ही सत्याग्रह नहीं हो सकता, तो इसका मतलब यह है कि ये तो लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। अगर गांधी जी की समाधि पर भी प्रमुख विपक्षी पार्टी एक दिन का सत्याग्रह भी नहीं कर सकती, तो लोकतंत्र कहां जिंदा रहेगा? हम भाजपा सरकार को समझाना चाहते हैं कि लोकतंत्र के दोनों पहिए होते हैं, एक सत्ताधारी दल और एक विपक्ष। अगर एक भी पहिया खिसक गया तो, लोकतंत्र की गाड़ी वहीं रुक जाएगी, इसलिए विपक्ष के पहिए को काम करने दें।'

अजय माकन ने नेशनल हेराल्ड को लेकर कहा कि, 'आज से लगभग 10 वर्ष पहले ED ने इस केस को खत्म कर दिया था। अब वापस इस केस को पुनर्जीवित किया- केवल इस वजह से कि सरकार विपक्षी पार्टी के ऊपर दबाव डाल सके, हम जरूरी मुद्दों को न उठा सकें। राजनीतिक द्वेष की भावना से जो यह कार्रवाई की जा रही है, इसके खिलाफ कांग्रेस के कार्यकर्ता देश भर में सत्याग्रह कर रहे हैं।'