Controversial Picture: पीएम नरेंद्र मोदी को भगवान राम से बड़ा दिखाने पर विवाद

Shashi tharoor: तुमने राम चरित मानस का कौन सा भाग सीखा है

Updated: Aug-06, 2020, 06:59 AM IST

Controversial Picture: पीएम नरेंद्र मोदी को भगवान राम से बड़ा दिखाने पर विवाद
courtsey : twitter

बुधवार को पीएम मोदी ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास किया। इसी के साथ सोशल मीडिया पर एक फोटो ने विवाद खड़ा कर दिया है। दरअसल, बीजेपी के कुछ नेता बुधवार सुबह से ही एक तस्वीर शेयर कर रहे हैं जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी का कद भगवान श्रीराम से भी बड़ा दिखाया गया है। इस तस्वीर में पीएम मोदी भगवान राम को हाथ पकड़कर राम मंदिर की ओर ले जाते दिख रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर करते हुए बीजेपी शोभा करंडलाजे ने लिखा है कि अयोध्या अपने प्यारे राजा के घर वापसी पर स्वागत करने के लिए तैयार है।

इस तस्वीर को लेकर कई लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसे ट्वीट कर बीजेपी को निशाने पर लिया है। थरूर ने लिखा, 'ना प्रेम सीखा है, ना त्याग सीखा है, ना करुणा सीखी है, ना अनुराग सीखा है, खुद को राम से बड़ा दिखाकर, खुश होने वालो तुमने श्री राम चरित मानस का कौन सा भाग सीखा है?' 

 

 

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक ओम थानवी ने भी इस तस्वीर पर टिप्पणी की है। दरअसल, न्यूज़ चैनल इंडिया टीवी के एडिटर रजत शर्मा ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा था कि, 'कुछ ही देर में नरेंद्र मोदी राम मंदिर के भव्य निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। किसी कलाकार ने इसका सुंदर चित्रण किया है।' उन्होंने इसके साथ पीएम को टैग भी किया था। रजत शर्मा के इस ट्वीट के जवाब में ओम थानवी ने कहा, 'क्या कहा रजत जी, कलाकार ने सुंदर चित्रण किया है? इसमें कला कहाँ है? किसी भक्त ने बस मोदी को बड़ा और राम को छोटा किया है। राममंदिर अभियान शुरू से राजनीतिक था। भूमि-पूजा के साथ वह व्यक्ति-पूजा में तब्दील हो गया है।' 

 

 

शर्मनिरपेक्ष है बीजेपी

मीडिया शिक्षक डॉ विष्णु राजगढ़िया ने भी इस तस्वीर को लेकर बीजेपी को निशाने पर लिया है। उन्होंने इस ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा, 'भाजपा को अन्धभक्कों की कमअक्ली पर पूरा भरोसा है। उसे मालूम है कि मोदी को बड़ा करके राम को छोटा कर दें, तब भी इनकी अक्ल पर पर्दा गिरा रहेगा। यह राम की पूजा नहीं, मोदी की पूजा का उत्सव है। कोरोना के 19 लाख से ज्यादा केस और आर्थिक संकट के बीच यह चुनावी अभियान ही है। शर्मनिरपेक्ष।'