नए संसद भवन के उद्घाटन पर विवाद, TMC, AAP और CPI ने बनाई दूरी, कांग्रेस भी कर सकती है बहिष्कार

नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से कराने की मांग के बीच कई राजनीतिक दलों ने 28 मई को आयोजित समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है। विपक्षी दलों की मांग है कि संसद के नए भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कराया जाए।

Updated: May 24, 2023, 09:55 AM IST

नए संसद भवन के उद्घाटन पर विवाद, TMC, AAP और CPI ने बनाई दूरी, कांग्रेस भी कर सकती है बहिष्कार

नई दिल्ली। नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से कराने की मांग को लेकर देश की सियासत गरमाने लगी है। कई विपक्षी दलों ने 28 मई को आयोजित समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है। विपक्षी दलों की मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह संसद के नए भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कराया जाए।

तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने साफ कह दिया है कि वे नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक औपचारिक आमंत्रण प्राप्त होने के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी इस समारोह का बहिष्कार कर सकती है। समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा जल्द ही एक संयुक्त बयान भी जारी किया जाएगा।

लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन कार्यक्रम या तो स्वतंत्रता दिवस, या गणतंत्र दिवस, या गांधी जयंती पर आयोजित किया जाना चाहिए था, न कि वी. डी. सावरकर की जयंती पर। हमने 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या टीएमसी ने केंद्र के समक्ष अपनी चिंताएं जताई हैं।बंद्योपाध्याय ने कहा, 'पुराने संसद भवन का क्या होगा, इसको लेकर विपक्षी दलों को अंधेरे में रखा गया है। सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है।'

राज्यसभा में टीएमसी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि संसद सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि पुरानी परंपराओं, मूल्यों, मिसालों और भारतीय लोकतंत्र की नींव वाली एक संस्था है। वहीं, भाकपा महासचिव डी राजा ने भी कहा कि उनकी पार्टी उद्धघाटन समारोह में भाग नहीं लेगी। इसके पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी राहुल गांधी ने इसका विरोध किया था। राहुल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा था कि, 'संसद के नए भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ही करना चाहिए, प्रधानमंत्री को नहीं।'

कांग्रेस ने नई बिल्डिंग के इनॉगरेशन की तारीख पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा, '28 मई को हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर की जयंती है। इसी दिन नए संसद भवन का उद्घाटन करना राष्ट्र निर्माताओं का अपमान है।' बता दें कि 862 करोड़ रुपए में बने नए संसद भवन का काम पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री ने 10 दिसंबर 2020 को इसकी आधारशिला रखी थी।