पहले अकड़ी सरकार, फिर बैक फुट पर आई, 5 राज्यों में चुनाव से पहले किसानों की सभी मांगे मानी

विधानसभा चुनाव से पहले किसानों की मांगें मानने को मजबूर हुई सरकार, चढूनी बोले-हमने दुनिया के सबसे अहंकारी व्यक्ति को झुकाया, जानें किसान आंदोलन में कब क्या हुआ

Updated: Dec 09, 2021, 05:11 PM IST

पहले अकड़ी सरकार, फिर बैक फुट पर आई, 5 राज्यों में चुनाव से पहले किसानों की सभी मांगे मानी

नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने किसानों की लगभग सभी मांगें मान ली है। केंद्र सरकार ने किसानों को लिखित प्रस्ताव भेजकर सभी मांगों पर सहमति जताई है। इसी के साथ एक साल से ज्यादा समय से चल रहा किसान आंदोलन स्थगित हो गया है। लंबे संघर्षों के बाद मिली इस अभूतपूर्व जीत को लेकर किसान नेताओं की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है।

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि हमने दुनिया के सबसे अहंकारी व्यक्ति को झुकाया है। चढूनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन खत्म नहीं हुई है, बल्कि इसे सिर्फ स्थगित किया गया है। किसान नेता हर महीने समीक्षा बैठक करेंगे। यदि सरकार अपने वादों से पीछे हटती है तो आंदोलन दुबारा शुरू होगा।

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बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम विजय के साथ अपने गांव जाना शुरू करेंगे। किसानों के प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, 'हम दो-तीन चीजें इकट्ठी करके जाएंगे। हम स्‍पष्‍ट कर दें कि संयुक्‍त किसान मोर्चा था, है और रहेगा। जब भी देश में मोर्चा या उससे जुड़े लोग कहीं भी जाएंगे तो उन्‍हें उसी सम्‍मान की दृष्टि से देखा जाएगा, क्‍योंकि पूरा मोर्चा यहां से जा रहा है।'

किसान नेता बलबीर राजेवाल ने कहा कि 'हम अहंकारी सरकार को झुकाकर जा रहे हैं। हालांकि, यह मोर्चे का अंत नहीं है। हमने इसे स्थगित किया है। 15 जनवरी को फिर संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग होगी और हम आंदोलन की समीक्षा करेंगे। मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने हमारा इस लंबी लड़ाई में समर्थन किया है।