मैं हिंदू हूं, कभी बीफ नहीं खाया पर दिल करे तो खाऊंगा, आप कौन होते हैं रोकने वाले: RSS पर भड़के सिद्धारमैया

कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि RSS के लोग इंसानों के बीच मतभेद पैदा करते हैं, बीफ खाना व्यक्तिगत अधिकार है, कोई रोक नहीं सकता

Updated: May 24, 2022, 11:56 AM IST

मैं हिंदू हूं, कभी बीफ नहीं खाया पर दिल करे तो खाऊंगा, आप कौन होते हैं रोकने वाले: RSS पर भड़के सिद्धारमैया
Photo Courtesy: Jansatta

बेंगलुरु। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य में बीफ विवाद को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि मैने कभी बीफ नहीं खाया है, लेकिन दिल करेगा तो जरूर खाऊंगा। दिग्गज नेता ने बीजेपी और आरएसएस पर हमलावर होते हुए कहा कि आप होते कौन हैं किसी को रोकने वाले। बीफ खाना व्यक्तिगत अधिकार है, जिसे जो मन करेगा वह खाएगा।

कर्नाटक के तुमकुरु में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'मैं एक हिंदू हूं। मैंने अब तक बीफ नहीं खाया है, लेकिन अगर मैं चाहूं तो खा लूंगा। तुम कौन होते हो मुझसे सवाल करने वाले? बीफ खाने वाले सिर्फ एक समुदाय के नहीं होते, यहां तक ​​कि हिंदू भी बीफ खाते हैं, ईसाई भी इसका सेवन करते हैं। एक बार मैं कर्नाटक विधानसभा में भी कह चुका हूं। आप कौन होते हैं जो मुझे बीफ नहीं खाने के लिए कहते हैं?'

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कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए कहा आरएसएस के लोग साथी इंसानों के बीच मतभेद पैदा करते हैं। यह खाने की आदत है और यह मेरा अधिकार है। उन्होंने पूछा कि क्या सिर्फ मुसलमान ही बीफ खाते हैं? दरअसल, कर्नाटक में हाल ही में हलाल मीट का मुद्दा सामने आया था। सिद्धारमैया के इस बयान के बाद अब बीफ को लेकर राज्य में फिर से बहस छिड़ गई है।

बता दें कि कर्नाटक की बीजेपी सरकार ने जनवरी, 2021 में कर्नाटक वध रोकथाम और मवेशी संरक्षण अधिनियम, 2020 को अधिनियमित किया है। इस कानून के तहत सभी प्रकार के मवेशियों को खरीदना, बेचना, परिवहन करना, वध करना और व्यापार करना अवैध है। इसमें गाय, बैल और भैंस शामिल हैं। इस कानून का उल्लंघन करने वालों को सात साल तक की जेल और 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है। 13 वर्ष से अधिक उम्र की भैंस और गंभीर रूप से बीमार मवेशी इस कानून के अंतर्गत नहीं आते हैं। लेकिन उनका वध भी किसी पशु चिकित्सक द्वारा प्रमाणित करने के बाद ही किया जा सकता है।