बीजेपी के संपर्क में टीएमसी के 41 विधायक, कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा

कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर बैठे मचाई बंगाल की राजनीति में हलचल, कहा- जो बीजेपी में आना चाहते हैं, उन्हें अगर शामिल करा लूं तो ममता की सरकार गिर जाएगी

Updated: Jan 14, 2021, 05:46 PM IST

बीजेपी के संपर्क में टीएमसी के 41 विधायक, कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा
Photo Courtesy: TV9

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी द्वारा टीएमसी नेताओं को अपने पाले में करने का सिलसिला जारी है। इसी बीच पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर से एक बयान देकर ममता बनर्जी की पार्टी में खलबली मचा दी है। विजयवर्गीय ने दावा किया है कि टीएमसी के 41 और विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि वे चाहें तो सभी को शामिल करा के ममता की सरकार को गिरा सकते हैं।

बीजेपी नेता ने गुरुवार को इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, 'मेरे पास 41 विधायकों की सूची है। वे बीजेपी में आना चाहते हैं। मैं उन्हें बीजेपी में शामिल करूं तो बंगाल में सरकार गिर जाएगी। हम देख रहे हैं कि किसे लेना है और किसे नहीं। अगर छवि खराब है किसी की तो हम नहीं लेंगे। सबको लग रहा है ममता बनर्जी की सरकार जा रही है।'

अगर कैलाश विजयवर्गीय का यह दावा सही साबित होता है तो बंगाल की निर्णायक लड़ाई में ममता बनर्जी को अबतक का सबसे बड़ा झटका लगेगा। शुभेन्दु अधिकारी जैसे दिग्गज नेता के जाने से टीएमसी को पहले ही राज्य में बड़ा झटका लगा है। हालांकि, ममता के तेवर अब भी नरम नहीं पड़े हैं। 

बीजेपी जैसे दावे टीएमसी पिछले हफ्ते ही कर चुकी है जब पश्चिम बंगाल के खाद्य और आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने कहा था कि बीजेपी के 6 से 7 सांसद जल्द ही टीएमसी में शामिल होंगे। उन्होंने दावा किया था कि बीजेपी में गए कई लोग वापसी के लिए टीएमसी से सिफारिश कर रहे हैं, लेकिन आखिरी फैसला पार्टी प्रमुख ममता दीदी के हाथ में हैं, उनकी हां पर ही आगे का कदम उठाया जाएगा।

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इन सब के बीच ममता भी बंगाल के सत्ता तक बीजेपी को पहुंचने से रोकने के लिए कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती। ममता ने कांग्रेस और लेफ्ट को गठबंधन करने का ऑफर तक दिया है। लेकिन दोनो दलों ने ममता के इस ऑफर को खारिज कर दिया है। कांग्रेस ने तो खुद ममता को कांग्रेस में घर वापसी करने का ऑफर दे डाला और कहा कि वह अपनी पार्टी टीएमसी का कांग्रेस में विलय करें, क्योंकि संप्रदायिक ताकतों के खिलाफ कांग्रेस ही एकमात्र देशव्यापी मंच है।