मेघालय के पूर्व सीएम मुकुल संगमा समेत 12 विधायक टीएमसी में शामिल, कांग्रेस को बड़ा झटका

ममता बनर्जी के दिल्ली आगमन के बाद से ही टीएमसी कांग्रेस पार्टी में सेंध लगाने पर उतारू हो गई है, पश्चिम बंगाल के कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी पहले ही ममता बनर्जी पर बीजेपी से गठजोड़ कर कांग्रेस को तोड़ने का आरोप लगा चुके हैं

Publish: Nov 25, 2021, 08:12 AM IST

मेघालय के पूर्व सीएम मुकुल संगमा समेत 12 विधायक टीएमसी में शामिल, कांग्रेस को बड़ा झटका
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नई दिल्ली। मेघालय में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस पार्टी को यह झटका बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकता का वकालत करने वालीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने दिया है। कांग्रेस के दो नेताओं को अपने कुनबे में शामिल करने के बाद अब मेघालय के बारह कांग्रेस विधायकों को तृणमूल ने अपने पाले में कर लिया है। 

मेघालय के पूर्व सीएम मुकुल संगमा सहित कांग्रेस पार्टी के कुल बारह विधायकों ने अब टीएमसी का हिस्सा बनने का इरादा कर लिया है। गुरुवार को ये सभी विधायक मुकुल संगमा के नेतृत्व में टीएमसी में औपचारिक तौर पर शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस के बागी विधायकों ने अपनी सूची विधानसभा अध्यक्ष को भेज दी है। मेघालय में कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका इसलिए है क्योंकि राज्य में कांग्रेस के कुल 17 विधायक हैं। ऐसे में अब टीएमसी मेघालय की मुख्य विपक्षी पार्टी बन जाएगी। 

ममता बनर्जी के दिल्ली आगमन के बाद से ही कांग्रेस में लगातार टूट जारी है। मंगलवार को ही कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद और हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने टीएमसी का दामन थामा था। इसके ठीक अगले दिन मेघालय में कांग्रेस के आधे से ज्यादा विधायकों ने टीएमसी में जाने का इरादा कर लिया। 

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बीते कुछ महीनों में कांग्रेस के कई नेता टीएमसी में शामिल हुए हैं। पाला बदलने वाले नेताओं में महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सुष्मिता देव, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लिईजिन्हो फेलेरियो, कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे कमलापति त्रिपाठी प्रपौत्र ललितेश त्रिपाठी और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी टीएमसी के कुनबे में शामिल हैं। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के बाद से ही ममता बनर्जी अपनी पार्टी के विस्तार में लगी हुई हैं। लेकिन इसके लिए उन्होंने कांग्रेस पार्टी को तोड़ने की रणनीति अपनाई हुई है। दूसरी तरफ ममता बनर्जी बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकता की वकालत करती नहीं थकतीं। ऐसे में ममता बनर्जी का विपक्षी एकता के दावे पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। 

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खुद पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ममता बनर्जी की मंशा पर सवाल खड़ा कर चुके हैं। अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल की सीएम को लेकर दावा किया था कि ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच सांठगांठ हुई है। जब से ईडी ने ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए बुलाया है। तभी से टीएमसी और बीजेपी में गठजोड़ हो चुका है। कांग्रेस नेता ने कहा था कि ममता बनर्जी कांग्रेस पार्टी को तोड़ने के लिए दिल्ली आई हुई हैं। 

ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दिल्ली दौरे के पहले दिन मंगलवार को उनकी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच एक मुलाकात भी होने वाली थी। लेकिन टीएमसी सुप्रीमो ने सोनिया गांधी से मुलाकात नहीं की। बल्कि मंगलवार को उन्होंने कीर्ति आजाद और अशोक तंवर को अपनी पार्टी की सदस्यता दिला दी।