कश्मीर पर बैठक ख़त्म, केंद्र ने पूर्ण राज्य का दर्जा देने का दिया आश्वासन

केंद्र ने बैठक में जल्द चुनाव कराने का दिया आश्वासन, कहा, परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होते ही कराएंगे चुनाव

Updated: Jun 24, 2021, 07:18 PM IST

कश्मीर पर बैठक ख़त्म, केंद्र ने पूर्ण राज्य का दर्जा देने का दिया आश्वासन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कश्मीर के मसले पर हुई बैठक ख़त्म हो गई है। यह बैठक करीब साढ़े तीन घंटे चली। बैठक खत्म होने के बाद सबसे पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा प्रधानमंत्री आवास से बाहर निकले। एलजी के बैठक से बाहर आने  के बाद एक एक कर सभी नेता बाहर आ गए।  

बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा 
बैठक से बाहर निकलते ही जम्मू कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पीडीपी नेता मुज़फ्फर हुसैन बेग ने बताया कि बैठक में मौजूद ज़्यादातर लोगों ने कश्मीर को पूर्ण राज्य देने की मांग उठाई। मुज़फ्फर बेग ने बताया कि बैठक में किसी ने अनुच्छेद 370 को लेकर कोई बात नहीं हुई। हालांकि मुज़फ्फर बेग ने बताया कि उन्होंने 35 A को बहाल करने की मांग उठाई। मुज़फ्फर बेग ने बताया कि राज्य में जल्द ही चुनाव आयोजित कराने की मांग उठाई गई। बेग ने बताया कि बैठक में पाकिस्तान को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। 

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बैठक में कांग्रेस ने क्या पक्ष रखा 

गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री को इस बात का भरोसा दिलाया कि कश्मीर की स्थिति सुधारने में हम हर संभव मदद करेंगे। गुलाम नबी आज़ाद ने बताया कि बैठक में उन्होंने कांग्रेस का पक्ष रखते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर से पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं छीना जाना चाहिए था। आज़ाद ने बैठक में विधानसभा को भंग किए जाने को भी गलत बताया। गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि बैठक में जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और जल्द विधानसभा चुनाव कराए जाने की मांग रखी गई। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब राज्य में पंचायत चुनाव हो सकते हैं, तब विधानसभा चुनाव क्यों नहीं हो सकते? कांग्रेस नेता ने कहा कि बैठक में कांग्रेस की तरफ से उन्होंने कश्मीरी पंडितों को वापस कश्मीर में बसाने की मांग भी की।

केंद्र ने क्या कहा 
केंद्र सरकार ने जल्द ही कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का आश्वासन दिया है। वहीं केंद्र ने यह भी कहा है कि जल्द ही राज्य में चुनाव भी आयोजित किए जाएंगे। केंद्र ने कहा कि जम्मू कश्मीर में एक बार परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में चुनावों का आयोजन किया जाएगा।