पीएम मोदी ने डीपी में लगाया गोलाकार तिरंगा, एक्सपर्ट्स ने बताया फ्लैग कोड का उल्लंघन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की ‘प्रोफाइल' तस्वीर को बदल लिया है और डीपी पर तिरंगा लगा लिया है, ट्विटर यूजर्स इसे फ्लैग कोड का उल्लंघन बता रहे हैं

Updated: Aug 02, 2022, 12:02 PM IST

पीएम मोदी ने डीपी में लगाया गोलाकार तिरंगा, एक्सपर्ट्स ने बताया फ्लैग कोड का उल्लंघन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय कैबिनेट के कई मंत्रियों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की ‘प्रोफाइल' तस्वीर को बदल दी है और डीपी पर तिरंगा लगा लिया है। ट्विटर यूजर्स इसे फ्लैग कोड का उल्लंघन करार दे रहे हैं। 

दरअसल, अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' के 91वें संस्करण में देशवासियों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा' अभियान का उल्लेख किया था और लोगों से दो से 15 अगस्त के बीच अपने सोशल मीडिया अकाउंट की ‘प्रोफाइल' तस्वीर के रूप में तिरंगा को लगाने का आह्वान किया था। इसके बाद मंगलवार को उन्होंने तिरंगे को अपना डीपी बनाया।

सोशल मीडिया यूजर्स इसे फ्लैग कोड का उल्लंघन बता रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक दिलीप मंडल ने लिखा कि, 'देश अनपढ़ और भड़भड़िया लोगों के हाथ में चला गया है। भारत सरकार के फ़्लैग कोड के मुताबिक़ राष्ट्रीय ध्वज आयताकार ही हो सकता है। गोल या तिकोना नहीं। गलती करने पर सजा है। प्रधानमंत्री को संविधान और क़ानूनों के बारे में कोचिंग लेनी चाहिए।'

लीगल एक्सपर्स ने भी इसे झंडा संहिता का उल्लंघन बताया है। इंदौर हाईकोर्ट के वकील जयस गुरनानी ने बताया कि, 'राष्ट्रीय ध्वज को कॉमर्शियल उद्देश्य या किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते। फ्लैग कोड में ध्वज के आकार का उल्लेख किया गया है। उसका उल्लंघन हुआ है। झंडा फहराने का तरीका भी ध्वज संहिता में उल्लेखित है, यह उसका भी उल्लघंन है। इसके लिए आपराधिक प्रकरण भी पंजीबद्ध किया जा सकता है।'

बता दें कि फ्लैग कोड के अनुसार तिरंगे का निर्माण हमेशा रेक्टेंगल शेप में ही होगा, जिसका अनुपात 3:2 होना चाहिए। जबकि अशोक चक्र का कोई माप तय नही हैं, सिर्फ इसमें 24 तिल्लियां होनी आवश्यक हैं। फ्लैग कोड का उल्लंघन करने पर सजा का भी प्रावधान है।