चार बच्चे पैदा करें हिंदू महिलाएं, दो RSS को सौंप दें, ऋतंभरा के बयान पर लोग बोले- पहले खुद में वो बदलाव लाइए

कट्टर हिंदूवादी नेता ऋतंभरा ने हिंदू महिलाओं से चार बच्चे पैदा करने का आह्वान किया है, उन्होंने कहा है कि इनमें से दो RSS और VHP को सौंप दें, ऋतंभरा के बयान पर लोगों ने कहा कि- खुद में वो बदलाव लाइए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं

Updated: Apr 19, 2022, 01:27 PM IST

चार बच्चे पैदा करें हिंदू महिलाएं, दो RSS को सौंप दें, ऋतंभरा के बयान पर लोग बोले- पहले खुद में वो बदलाव लाइए

नई दिल्ली। देश में बिगड़ते सौहार्द के बीच कट्टर हिंदू संगठनों से जुड़े लोग बयानबाजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी बीच अब हिंदूवादी नेता ऋतंभरा का विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने महिलाओं से 4 बच्चे पैदा करने का आह्वान किया। ऋतंभरा को अब लोग महात्मा गांधी के उस कथन के माध्यम से जवाब दे रहे हैं जिसमें वे कहते हैं कि खुद में वो बदलाव लाइए जो आप दुनिया में देखना चाहते हो।

रिपोर्ट्स के मुताबिक ऋतंभरा रविवार को कानपुर के निराला नगर रेलवे प्रांगण में आयोजित राम महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचीं थी। यहां उन्होंने लोगों से कहा कि, 'आपने तो दो बच्चे पैदा किये। है ना, हम दो हमारे दो। मेरा निवेदन है हिंदू समाज के बंधुओं से, दो संतानें नहीं, चार संतानों को जन्म दीजिये। दो संतानें राष्ट्र के लिए समर्पित कीजिए। वे दोनों संतान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के समर्पित कार्यकर्ता बनेंगे।'

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ऋतंभरा ने अपने बयान के समर्थन में दलील देते हुए कहा कि, 'आप अगर भारत के अतीत को देखोगे तो तमाम बच्चे देश के लिए अपने आपको समर्पित करते थे। उनके माता-पिता को भी बहुत परेशानी नहीं होती थी क्योंकि उनकी परंपरा चलाने के लिए और भी संतानें होती थीं, लेकिन अब सज्जनों की स्थिति यह है कि वह सक्षम भी हैं, पढ़ा भी सकते हैं, तो भी वह संतानों को जन्म नहीं देना चाहते हैं। आने वाले समय में भी इस धरती को बंजर नहीं होना चाहिए।'

इस बयान को लेकर पूछे जाने पर ऋतंभरा ने स्वीकार किया है कि उन्होंने ये बात कही। उन्होंने कहा, हां, मैंने उनसे कहा था कि अपने दो बच्चों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समर्पित करें, विश्व हिंदू परिषद का कार्यकर्ता बनाएं, देश को समर्पित करें।' ऋतंभरा ने देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत करते हुए कहा कि देश में समान आचार संहिता लागू हो। अगर देश में जनसंख्या का असंतुलन हुआ तो राष्ट्र का भविष्य अच्छा नहीं होगा।