हिंदुओं हथियार उठा लो, सरकार कब तक बुलडोजर चलाएगी, धीरेंद्र महाराज के उन्मादी प्रवचन पर FIR की मांग

सागर के बंडा तहसील अंतर्गत चीलपहाड़ी गांव में श्रीमद भागवत कथा सुनाने पहुंचे थे बागेश्वर धाम सरकार के धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज, भीड़ से किया हिंसक आह्वान, बोले- हिंदुओं हथियार उठा लो

Updated: Apr 19, 2022, 02:06 PM IST

हिंदुओं हथियार उठा लो, सरकार कब तक बुलडोजर चलाएगी, धीरेंद्र महाराज के उन्मादी प्रवचन पर FIR की मांग

सागर। मध्य प्रदेश में हुए हालिया सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई है कि उधर प्रदेश में एक बार फिर से धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक महंत भीड़ को हिंसा का रास्ता अपनाने के लिए भड़का रहे हैं। वायरल वीडियो में महंत कहते हैं कि सरकार कब तक बुलडोजर चलाएगी, हिंदुओं हथियार उठा लो।

जानकारी के मुताबिक यह वीडियो पिछले हफ्ते सागर जिले के बंडा तहसील अंतर्गत ग्राम चील पहाड़ी का है। भीड़ को भड़काने वाले संत की पहचान पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के रूप में हुई है जो मध्य प्रदेश के छतरपुर में बने प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पुजारी और कथावाचक हैं। चील पहाड़ी गांव में श्रीमद भागवत कथा सुनान आए धीरेंद्र महाराज हजारों लोगों की भीड़ से कहते हैं कि जो तुम्हारे घर पर पत्थर फेंके, उसके घर जेसीबी लेकर चलो, क्योंकि भारत सनातनियों का है। अगर सनातनियों के देश में  रामनवमी पर राम की यात्रा में कोई पत्थर मारे… बुझदिलों, कायरों जाग जाओ। सब हिंदुओं अपने हाथ में हथियार उठा लो और कह दो हम सब हिंदू एक हैं।'

धीरेंद्र महाराज लोगों को एक समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काते हुए कहते हैं कि, 'अगर तुम अभी नहीं जागे तो ये तुम्हें अपने गांव में भी भोगना पड़ेगा। इसलिए निवेदन है कि सभी एक हो जाओ और पत्थर फेंकने वालों के घर पर बुलडोजर चलवा दो। कुछ दिन में हम भी बुलडोजर खरीदने वाले हैं और जो राम के काज पर, सनातनी महात्माओं, संतों और भारतीय सनातनी हिंदुओं पर पत्थर चलाएगा और उसके घर बुलडोजर चलाएंगे। आखिरकार सरकार कब तक बुलडोजर चलाएगी।'

वीडियो वायरल होने के बाद अब महंत धीरेंद्र के खिलाफ एफआईआर की मांग हो रही है। सोशल एक्टिविस्ट उपेंद्र यादव ने प्रदेश के डीजीपी को शिकायत भेजकर आरोपी संत के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यादव ने कहा है कि धीरेंद्र का बयान देश की एकता एवं अखंडता के लिए घातक है और यह देशद्रोह की श्रेणी में आता है। उसके कृत्य से शांति के टापू कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के कई जिलों में धार्मिक उन्माद फैलने की आशंका बनी हुई है। लोग उत्तेजित हो सकते है तथा साम्प्रदायिक उन्माद की घटना हो सकती है। आरोपी कथा वाचन के नाम पर देश में अस्थिरता फैलाना चाहता है, जिसमें दो समुदायों के बीच आपसी सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा समाज में शत्रुता एवं नफरत का माहौल बनेगा।'

मामले पर यादव के वकील दीपक बुंदेले ने हम समवेत से कहा कि, 'कथावाचक के बयान से देश की धर्मनिरपेक्ष छवि धूमिल हुई है। यह कृत्य IPC  की धारा 153क, 153ख, 295क, 296, 298 505(2) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 क, 66 ख, 66 ग और 66 च (अ) अंतर्गत दंडनीय अपराध है। अगर पुलिस धीरेंद्र के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं करती है तो हम कंप्लेंट फाइल करेंगे और इसे न्यायालय के माध्यम से कठोर दंड दिलवाएंगे।' 

हैरानी की बात ये है कि कार्रवाई की मांग के बाद भी आरोपी संत के बोल नहीं बदले हैं। एक अन्य कथा के दौरान उन्होंने कहा कि, 'दो दिन से हम खूब वायरल हो रहे हैं। FIR की मांग हो रही है। उन्हें पता नहीं कि हम बाबा नहीं ढाबा हैं।' बताया जा रहा है कि धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश करने वाले इस संत को सत्तारूढ़ दल बीजेपी का संरक्षण प्राप्त है। उनके हिंसक बयान के वायरल होने के बाद उनसे मिलने के लिए बीजेपी मंत्रियों व नेताओं का तांता लगा हुआ है। बागेश्वर धाम के फेसबुक पेज पर जो वीडियो और फोटो पोस्ट किए गए हैं उनमें देखा जा सकता है कि शिवराज कैबिनेट में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह कथा सुनने पहुंचे हैं। एक अन्य तस्वीर में नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह उनसे मुलाकात कर रहे हैं। बहरहाल, अब देखना यह होगा कि पुलिस धीरेंद्र महाराज के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत जुटा पाती है या नहीं।