40 साल से ठाकुर शूज़ बना रही कंपनी पर केस दर्ज करने की ख़बर, बेचने वाला मुस्लिम युवक गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में जूता ख़रीदने आए विशाल चौहान की शिकायत पर फुटपाथ पर जूते बेच रहा नासिर गिरफ्तार, ठाकुर 6 नंबर लिखा देख खरीदने आए शख़्स का भड़का गुस्सा

Updated: Jan 06, 2021, 08:33 PM IST

40 साल से ठाकुर शूज़ बना रही कंपनी पर केस दर्ज करने की ख़बर, बेचने वाला मुस्लिम युवक गिरफ्तार
Photo Courtesy: The Logical Indian

बुलंदशहर। उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने फुटपाथ पर जूता बेच रहे एक मुस्लिम युवक को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार कर लिया क्योंकि जूते के सोल पर ठाकुर लिखा हुआ था। इतना ही नहीं पुलिस ने पिछले 40 साल से ठाकुर शूज बना रही कंपनी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले पर बुलंदशहर पुलिस का कहना है कि विधि व्यवस्था के अनुसार सुसंगत कार्रवाई की गई है।

दरअसल, बुलंदशहर के टाउन स्कूल के नज़दीक नासिर ने फुटपाथ पर अपना स्टॉल लगाया था। खरीददार बनकर विशाल चौहान यहां जूता खरीदने गया लेकिन जूते के सोल पर लिखा ठाकुर शब्द देखकर वह भड़क गया। विशाल ने बेचनेवाले से हुज्जत की और पुलिस से इसकी शिकायत कर दी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि नासिर अपने हाथों में ठाकुर लिखा जूता पकड़े खड़ा है। नासिर कह रहा है कि खाना (रोजी-रोटी) क्यों बंद करवा रहे हो। इसपर वीडियो बनाने वाला व्यक्ति कहता है कि तुमको ये जूते पहले ही देखकर हटा देने चाहिए थे। तुमने इसे क्यों नहीं हटाया? नासिर सफाई देता है कि जूते वह नहीं बनाता है बल्कि यह कंपनी से बनकर आया है, वह तो सिर्फ इसे बेच रहा है। लेकिन वीडियो बनाने वाला व्यक्ति कहता है कि तुम्हें यह देखकर लाना चाहिए था।

अब बुलंदशहर पुलिस ने मामले पर आईपीसी की धारा 153-A, 323 और 504 के तहत केस दर्ज कर लिया है। दुकानदार नासिर को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि विधि व्यवस्था के अनुसार कार्रवाई की गई है। यही नहीं, बुलंदशहर पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट भी किया है, इस ट्वीट में लिखा है कि - 'इस प्रकरण में वर्तमान विधि व्यवस्था के अनुसार जो सुसंगत था वह कार्यवाही की है, यदि पुलिस कार्यवाही न करती तो बहुत से लोग उल्टी/भिन्न प्रतिक्रिया देते। अतः पुलिस ने नियम का पालन किया है। कृपया इसे इसी रूप में देखें।'

 


मामले पर ठाकुर फुटवियर कंपनी का कहना है कि वे कभी किसी जूते पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग नहीं करते। एक प्रमुख हिंदी समाचार चैनल से बात करते हुए ठाकुर फुटवियर कंपनी के मालिक नरेंद्र त्रिलोकनी ने कहा, 'हमलोग ठाकुर के नाम से मशहूर हैं। हमारे जितने भी ग्राहक हैं सभी ठाकुर हैं और वे हमसे बहुत प्यार करते हैं। हम ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहते जिससे कोई आहत हो। हमें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।' उन्होंने कहा कि जूते के इस ब्रॉन्ड का नाम उनके दादा जी के नाम पर पड़ा और वो चार-पांच दशक से यह काम कर रहे हैं। उनके पास इसके कॉपी राइट अधिकार हैं। लेकिन अब तक उनसे किसी ने पूछताछ नहीं की है।