तुच्छ राजनीतिक लाभ से बढ़कर है राष्ट्रीय एकता, बीजेपी पर वरुण गांधी का एक और हमला

वरुण गांधी ने कहा है कि लखीमपुर खीरी नरसंहार के मामले को हिंदू बनाम और सिखों की लड़ाई में तब्दील करने की तैयारी की जा रही है, वरुण गांधी ने इस झूठे नैरेटिव की आलोचना की है

Updated: Oct 10, 2021, 12:55 PM IST

तुच्छ राजनीतिक लाभ से बढ़कर है राष्ट्रीय एकता, बीजेपी पर वरुण गांधी का एक और हमला

नई दिल्ली। बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर भी सरकार पर करारा हमला बोला है। वरुण गांधी ने कहा है कि किसी दल का तुच्छ राजनीतिक लाभ राष्ट्रीय एकता से बढ़कर नहीं हो सकता। राष्ट्रीय एकता को हर हाल में बनाए रखना जरूरी है। 

वरुण गांधी ने यह टिप्पणी लखीमपुर खीरी नरसंहार के सिलसिले में की है। वरुण गांधी ने कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम को हिंदू बनाम सिखों की लड़ाई में परिवर्तित करने की कोशिश की जा रही है। जो कि सरासर गलत और अनुचित है। यह अपने राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय एकता को आघात पहुंचाने जैसा है। 

बीजेपी नेता ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना को हिंदू बनाम सिख की लड़ाई में तब्दील करने की कोशिश की जा रही है। यह सिर्फ अनैतिक ही नहीं बल्कि सरासर एक झूठा नैरेटिव है।वरुण गांधी ने आगे कहा कि उन पुराने जख्मों को कुरेदना घातक सिद्ध हो सकता है जिन्हें ठीक करने में पूरी एक पीढ़ी खप गई। हमें राष्ट्रीय एकता को ताक पर रखकर अपने तुच्छ राजनीतिक हित साधना नहीं चाहिए।

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वरुण गांधी की इस टिप्पणी को बीजेपी के ऊपर किए गए उनके एक और वार के तौर पर देखा जा रहा है। पूरे किसान आंदोलन के दौरान बीजेपी नेताओं को आंदोलनरत किसानों को लेकर अनर्गल बायनबाजी करते देखा गया है। आंदोलनकारी किसानों को खालिस्तानी बताने की मुहिम भी चलाई गई है। अब वरुण गांधी के इस बयान ने बीजेपी की किसान विरोधी मानसिकता से एक बार फिर पर्दा उठाने का काम किया है।बीजेपी के विरोधी दल भी अमूमन बीजेपी पर बाकी बहुसंख्यक हिंदुओं को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के खिलाफ भड़काने और अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का आरोप लगाते रहते हैं।

दूसरी तरफ वरुण गांधी खुद इन दिनों अपनी पार्टी के रवैए की आलोचना करते देखे जा रहे हैं। बीजेपी नेता बड़ी मुखरता के साथ किसानों के समर्थन में खड़े दिखाई दे रहे हैं। लखीमपुर खीरी नरसंहार को लेकर भी वरुण गांधी ने अपनी पार्टी और सरकार के उदासीन रवैए पर सवाल खड़े किए थे।