Fossil Leaves: झारखंड में मिलीं डायनासॉर के समय की पत्तियां, क्या वहां रहते थे डायनासॉर

Genus Ptilophyllum: 15 से 20 करोड़ साल पुरानी बताई जा रही हैं पत्तियां, भूवैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिलने की आशा।

Updated: Sep 28, 2020 10:01 PM IST

Fossil Leaves: झारखंड में मिलीं डायनासॉर के समय की पत्तियां, क्या वहां रहते थे डायनासॉर
Photo Courtesy: India Times

नई दिल्ली। भूवैज्ञानिकों को झारखंड में डायनासोर के समय की पत्तियां जीवाश्वम के रूप में मिली हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इन पत्तियों को करीब 15 से 20 करोड़ साल पुराना बताया जा रहा है। ये झारखंड के साहिबगंज जिले में पाई गई हैं।

साहिबगंज पीजी कॉलेज के भूवैज्ञानिक रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि 20 सेंटीमीटर लंबी और पांच सेंटीमीटर चौड़ी ये पत्तियां तलजहारी इलाके दुधकोल पहाड़ी पर पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी खुदाई जारी है। रंजीत कुमार सिंह ने आगे बताया कि ऐसी पत्तियां डायनासोर खाते थे। इस इलाके में पहले भी अपर जुरासिक पीरियड के जीवाश्म मिल चुके हैं। आगे हमें जीवाश्म के रूप में डायनासोर के अंडे भी मिल सकते हैं। 

जीवाश्म

रंजीत ने आगे बताया कि वे और उनकी टीम इस इलाके में पिछले 12 साल से काम कर रहे हैं लेकिन इस तरह के महत्वपूर्ण जीवाश्म इससे पहले कभी नहीं मिले। 

इलाके में यह खुदाई केंद्र सरकार के एक प्रोजेक्ट के तहत हो रही है। इसका नेतृत्व लखनऊ का नेशनल बॉटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट कर रहा है। इससे पहले साहिबगंज, सोनझाड़ी और पाकुड़ जिले के महाराजपुर, तारपहाड़, गरमी पहाड़ बड़हारवा इलाकों में जीवाश्म मिल चुके हैं। भूवैज्ञानिकों का मानना है कि इन इलाकों में और महत्वपूर्ण जीवाश्म मिल सकते हैं।