साल 2021 का इकलौता चंद्र ग्रहण, लाल रंग की नजर आएगी चांद की छटा

चार साल बाद होने जा रही अद्भुत खगोलीय घटना, भारत के नार्थ ईस्ट के कुछ हिस्सों, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में दिखेगा चंद्रग्रहण, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, प्रशांत, अटलांटिक और हिंद महासागर में नजर आएगा ब्लड मून, विदेशों में 5 घंटे होगी अवधि

Updated: May 27, 2021, 07:55 PM IST

साल 2021 का इकलौता चंद्र ग्रहण, लाल रंग की नजर आएगी चांद की छटा
Photo courtesy: Vox

चार साल बाद बुधवार को साल 2021 का पहला और आखिरी Blood Moon दिखाई देने जा रहा है। यह साल 2021 का पहला और आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण है। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण पूरे भारत में नहीं दिखेगा। यह केवल कुछ राज्यों जैसे नार्थ ईस्ट में सिक्किम को छोड़कर अन्य जगहों पर दिखेगा। वहीं पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ भाग के साथ अंडमान निकोबार द्वीप समूह में नजर आएगा। भारत में यह पेनुम्ब्रल चंद्र ग्रहण के तौर पर नजर आने वाला है।

 भारत में इस ग्रहण की अवधि बहुत कम होगी। जबकि यह ग्रहण विदेशों में करीब 5 घंटे तक दिखाई देगा। यह पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत और अमेरिका नजर आने  वाला है। चंद्र ग्रहण प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों में नजर आएगा।

ये पूर्ण चंद्र ग्रहण लॉस एंजिल्स, मनीला, होनोलूलू, ह्यूस्टन, मेलबर्न, सैन फ्रांसिस्को, सियोल, शंघाई और टोक्यो में दिखेगा। साथ ही न्यूयॉर्क, टोरंटो, बैंकॉक, शिकागो, ढाका, मॉन्ट्रियल और यांगून में आंशिक रुप से नजर आएगा।

 

भारत में चक्रवाती तूफान यास पर भी ग्रहण का असर होगा। पूर्णिमा को तेज लहरें उठेंगी। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चक्रवात की वजह से ग्रहण कम दिखेगा। भारत में दोपहर करीब 3 बजकर 15 मिनट से 6 बजकर 23 मिनट तक दिखाई दे सकता है। 

बुधवार दिन में 2 बजकर 17 मिनट से शुरू होने वाला पूर्ण चंद्रग्रहण शाम 7 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगा। चंद्र ग्रहण को ब्लड मून कहा जाता है, इस दौरान चंद्रमा थोड़ा लाल-नारंगी कलर  का नजर आएगा। इससे पहले तीन साल पहले 21 जनवरी 2019 को ब्लड मून नजर आया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लड मून की स्थिति में चंद्रमा की पूरी सतह लाल नजर आती है। दरअसल पृथ्वी, चंद्रमा और सूरज के बीच आ जाती है, जिससे सूरज का प्रकाश सीधे चंद्रमा तक तक नहीं पहुंच पाता।

चंद्रमा, पृथ्वी के पीछे पूरी तरह से छिप जाता है, इस दौरान सूर्य की कोई रोशनी नहीं पहुंचती। अंधेरा होने पर भी चांद काला नहीं दिखकर लाल रंग का नजर आता है। ऐसे में पूर्ण चंद्र ग्रहण को ब्लड मून कहते हैं। चंद्रग्रहण को टेलीस्कोप के माध्यम से आसानी से  देखा जा सकता है।