भक्तों ने दिल खोलकर किया तिरुपति बालाजी मंदिर में दान, साल भर में हुंडी में 833 करोड़ का रुपए जमा

श्रीवैंकटेश्‍वर मंदिर में 1 जनवरी से 30 दिसंबर 2021 तक1.04 करोड़ श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 48.75 लाख श्रद्धालुओं ने करवाया मुंडन, 1.37 करोड़ अन्नप्रसादम बांटे गए, , 5.96 करोड़ लड्डुओं की बिक्री

Updated: Jan 01, 2022, 02:13 PM IST

भक्तों ने दिल खोलकर किया तिरुपति बालाजी मंदिर में दान, साल भर में हुंडी में 833 करोड़ का रुपए जमा
Photo Courtesy: amar ujala

विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बाला जी मंदिर में साल के पहले दिन भक्तों की तांता लगा हुआ है। यह मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है। यह देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान में से एक है। इसे देश के सबसे ज्यादा आमदनी वाले अमीर मंदिरों में होने का गौरव हासिल है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते साल मंदिर को 833 करोड़ रुपए का दान मिला है।

यहां भगवान विष्णु के वेंकटेश्वर अवतार की पूजा होती है। श्रीवैंकटेश्‍वर मंदिर तिरुमला पहाड़ी पर स्थित है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु तिरुपति बालाजी का दर्शन करने आते हैं। जनवरी 2021 से 30 दिसंबर 2021 तक के आंकडों के अनुसार हुंडी संग्रह में 833 करोड़ रुपये दान का पता चला है। बीते साल 5.96 करोड़ लड्डू बिके हैं। यहां 50 रुपए प्रति लड्डू की दर से प्रसाद मिलता है। यहां एक साल में 1.37 करोड़ अन्नप्रसादम बांटे गए। साल भर में 1.04 करोड़ श्रद्धालु बालाजी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। इस साल 48.75 लाख श्रद्धालुओं ने मन्नत पूरी होने पर कल्याणकट्टा में मुंडन करवाया।  

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित श्रीवैंकटेश्‍वर मंदिर समुद्र तल से 3200 फीट ऊंचाई पर स्थित है। तिरुपतिबाला जी मंदिर में रोजाना सवा 2 करोड़ चढ़ावा चढ़ता है। कोरोना काल में भी यहां रोज 1 लाख से ज्यादा लोग दर्शन के पहुंचते हैं। मंदिर में चढ़ावा के अलावा श्रद्धालु केश दान भी करते हैं। जिसकी बिक्री पर मंदिर को करोड़ों की कमाई होती है। एक  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के पास 9 हजार किलो सोना है। यहा दान में आया 7,235 किलो सोना देश के दो बैंकों में जमा है। बाकी 1,934 किलो सोना खजाने में रखा गया है।