Sambit Patra : मासूम की तस्‍वीर पर राजनीति कर ट्रोल हो गए

बीजेपी के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने दादा के शव पर बैठे मासूम की फोटो शेयर करते हुए 'पुलित्‍जर लवर्स' लिखा। इस ट्वीट पर कई लोगों ने उन्‍हें असंवेदनशील करार दिया।

Publish: Jul-02, 2020, 03:08 AM IST

Sambit Patra : मासूम की तस्‍वीर पर राजनीति कर ट्रोल हो गए

जम्‍मू कश्‍मीर के सोपोर में अपने दादा के साथ CRPF काफिले पर आतंकियों के हमले में फंसे मासूम को बचाने की सिपाही की तस्‍वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। मगर इस मानवीय दृश्‍य से उठी संवेदनाओं से अलग बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा राजनीति करने के फेर में ट्रोल हो गए। उनके कहे की निंदा करते हुए एक्‍ट्रेस दीया मिर्जा सहित कई लोगों ने उन्‍हें असंवेदनशील करार दिया।  
तीन साल के बच्‍चे के दादा की आतंकियों की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी। बच्‍चा मृत दादा के शव के ऊपर बैठा रो रहा था। उसे सेना के जवान ने बचाया। बीजेपी के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने दादा के शव पर बैठे मासूम की फोटो शेयर करते हुए 'पुलित्‍जर लवर्स' लिखा। उनका यह ट्वीट कई लोगों को अखर गया।

 

बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने पूछा, 'क्‍या आप में जरा भी सहानुभूति नहीं बची है?' इसपर संबित और मिर्जा के बीच ट्विटर पर बहस छिड़ गई। पात्रा ने जवाब देते हुए कहा कि इस वक्‍त आपको अपने दिल के पास प्‍लेकार्ड रखना चाहिए जिसपर लिखा हो कि 'मैं कश्‍मीर में पाक समर्थित जिहाद के लिए शर्मिंदा हूं' लेकिन आप सब सेलेटिक्‍व हैं... आप कभी ऐसा नहीं करेंगी..."

इस पर दीया ने कहा कि सवाल का जवाब नहीं दिया तो पात्रा ने कहा कि 'मेरे मन में मेरी सेनाओं के लिए सहानुभूति हैं... हर भारतीय नागरिक के लिए है... चाहे वो किसी भी धर्म का हो।'

सिंगर-कंपोजर विशाल डडलानी ने जब इसे 'पात्रा की घिनौनी सोच' करार दिया तो बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कहा कि "सच्चाई बोलने पर आप को मेरी सोच घिनौनी लगती है, काश इतनी ही घिनौना आपको 'जिहाद' भी लगता।"

 

जम्‍मू-कश्‍मीर में बीजेपी की सहयोगी रही पीडीपी के प्रवक्‍ता मोहित भान ने भी संबित पात्रा को लताड़ा। जिसपर पात्रा ने कहा, "आप लोगों ने आर्टिकल 370 खत्‍म करने में एड़ी-चोटी तक विरोध किया... बात कश्‍मीरी इंटीग्रेशन की करते हैं... कश्‍मीर हमेशा से इंटीग्रेटेड था... हमें कश्‍मीर को जिहाद से डिस्‍इंटीग्रेट करता है। हिम्मत है तो जिहाद के ख़िलाफ़ बोल के दिखाओ, अब बोलती बंद!"