Chhattisgarh Handloom: साड़ियों में दिखी कौशल्या मंदिर की झलक

Kaushalya Collection: कौशल्या माता मंदिर की बनावट और वास्तु अब कपड़ों पर दिखेगा, बुनकरों ने साड़ियों पर उकेरी मंदिर की डिजाइन

Updated: Sep 12, 2020 12:28 AM IST

Chhattisgarh Handloom: साड़ियों में दिखी कौशल्या मंदिर की झलक

रायपुर। छत्तीसगढ़ हैंडलूम की नई श्रृंखला लॉन्च की गई है। जिनकी बिक्री वन गमन पथ में शामिल पर्यटन स्थलों पर होगी। छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग की पहल पर प्रदेश में नवाचार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में बुनकरों ने साड़ियों में कई पारंपरिक डिजाइन उकेरी हैं, और अब हैंडलूम ने कपड़ों की नई श्रृंखला कौशल्या कलेक्शन लॉन्च किया है। साडियों के डिजाइन में कौशल्या मंदिर की डिजाइन बनाई गई है।  

छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्र कुमार कई नवाचार कर रहे हैं। इसी कड़ी में रायपुर के चंदखुरी स्थित माता कौशल्या के प्राचीन मंदिर की बनावट और वास्तुशिल्प को कपड़ों में डिजाइन के लिए चुना गया। चंदखुरी को भगवान राम का ननिहाल माना जाता है। राज्य सरकार राम वन गमन पथ को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में जगह दिलाने के लिए काम कर ही है।

छत्तीसगढ़ हैंडलूम की होगी ऑनलाइन बिक्री

मंत्री गुरू रुद्र का कहना है कि माता कौशल्या मंदिर में उकेरी गई वास्तुकला की छाप को हथकरघा के माध्यम से बुनकरों ने साड़ियों पर बुना है। बुनकरों के इसी प्रयास को हथकरघा विभाग ने कौशल्या कलेक्शन के नाम से लॉन्च कर दिया है। छत्तीसगढ़ के बुनकरों और शिल्पियों का बनाया सामान ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए खरीदा जा सकेगा।

बुनकरों ने धागे से कपड़ों पर उकेरी सुंदर डिजाइन

प्रमुख सचिव ग्रामोद्योग डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने बताया कि कौशल्या मंदिर की दीवारों में उकेरी गई वास्तु कला से डिजाइन ली गई है। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर अंदर की दीवारों की सजावट के डिजाइन का रेखा चित्र बनाकर बुनकरों को दिया गया था। इन डिजाइनों को रंग-बिरंगे रेशमी धागों से साड़ियों और वस्त्रों पर बुना गया है।

राम वन गमन पथ में शामिल पर्यटन स्थलों समेत ऑनलाइन होगी बिक्री

प्रमुख सचिव ग्रामोद्योग डॉक्टर मनिंदर कौर द्विवेदी का कहना है कि राम वन गमन पथ में शामिल सभी पर्यटन स्थलों पर कौशल्या कलेक्शन के वस्त्रों के स्टाल लगाकर सेल किया जाएगा। कौशल्या कलेक्शन के लिए कौशल्या मंदिर चंदखुरी की दीवारों में उकेरी गई वास्तु कला से डिजाइन ली गई है। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर अंदर की दीवारों की सजावट के डिजाइन का रेखा चित्र बनाकर बुनकर समितियों को दिया गया था। समितियों से जुड़े बुनकर इन डिजाइनों को रंग-बिरंगे रेशमी धागों से साड़ियों एवं वस्त्रों पर इसकी डिजाइन बनाए हैं।

Click: ऑनलाइन मिलेगा छत्तीसगढ़ का क्राफ्ट और हैंडलूम

 कौशल्या कलेक्शन के वस्त्र और साड़ियां इतनी आकर्षक हैं कि लोग इसे पसंद कर रहे हैं वहीं हाथों-हाथ बिक्री भी हो रही है। कौशल्या कलेक्शन की साड़ियां और वस्त्रों की पूरी रेंज बिलासा एंपोरियम के साथ-साथ ऑनलाइन भी बिक्री के लिए उपलब्ध है।