Raipur: अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही, जोखिम में लोगों की जान

Corona Effect: रायपुर के अंबेडकर कोरोना केयर सेंटर में खुले में पड़े मिले उपयोग किए गए पीपीई किट मास्क और दस्ताने

Updated: Sep 08, 2020 06:48 PM IST

Raipur: अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही, जोखिम में लोगों की जान
Photo Courtesy : lalluram

रायपुर। प्रदेश मे कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बीते 24 घंटे में राज्य में 2017 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। अब राज्य में इस वायरस से संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 47,280 हो गई है। वहीं बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से 15 लोगों की मौत हो गई। लेकिन इसके बाद भी कोविड केयर अस्पतालों में बदहाली का आलम है।अंबेडकर अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां मेडिकल वेस्ट खुले में फेंका जा रहा है।

रायपुर के अंबेडकर कोरोना सेंटर के बाहर बड़ी संख्या में यूज्ड पीपीई किट, ग्लब्स और मास्क खुले में पड़े मिले हैं। अस्पताल में बदहाली का आलम है। इन उपयोग किए गए सामान के डिस्पोजल की कोई व्यवस्था नहीं है। खुले में सामान पड़े होने से यहां से गुजरने वाले लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है।

अंबेडकर अस्पताल में कोरोना के इलाज के दौरान पहने जाने वाली पीपीई किट का सही डिस्पोजल नहीं होने से लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। मेडिकल वेस्ट का खुले में पड़े होना स्वास्थ्य विभाग और कोरोना ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों और अधिकारियों की बड़ी लापरवाही है।

ऐसे में सरकार चाहे कोरोना से बचने के कितने ही प्रयास कर ले। स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ेगा। गौरतलब है कि यह मेडिकल वेस्ट जिस रास्ते में पड़ा है वहां एक पार्क है जहां मरीजों के परिजन बैठते हैं। लोगों ने इस मामले की शिकायत अस्पताल अधीक्षक से की है। 

मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल में लापरवाही

खबर है कि अस्पताल के कर्मचारी कई बार सीधे यहां आकर पीपीई किट उतारते हैं और फेंक कर चले जाते हैँ। जबकि नियमानुसार अनुसार कोरोना इलाज के दौरान उपयोग में आने वाला मेडिकल वेस्ट को क्लोरीन के घोल में डालने के बाद एक पीले बैग में रखना होता है। इसके बाद उस बैग को सील कर मेडिकल वेस्ट ले जाने वाली एंजेंसी के लिए बड़े डस्टबिन में जमा कियाजाता है फिर उसे डिस्पोज किया जाता है। लेकिन अंबेडकर अस्पताल में खुले में पीपीई किट पड़े हैं जिन्हे लेकर कुत्ते घूम रहे हैं। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। 

गौरतलब है कि प्रदेश में एक दिन में 2017 नए मरीज मिले है। बीते 24 घंटों में रायपुर जिले से 654, दुर्ग से 197, राजनांदगांव से 190, बिलासपुर से 173, जांजगीर-चांपा से 110, रायगढ़ से 82, कोरबा से 72, सरगुजा से 48, सूजरपुर से 46, सुकमा से 44, धमतरी से 43, बलौदाबाजार से 40 और बालोद जिले से 39 नए कोविड 19 संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है।