महामारी में अच्छे दिन, दुगनी हुई अदाणी की अमीरी, मुकेश अंबानी और मालामाल

2020 में देश की इकॉनमी भले ही महामारी और मंदी के कारण गड्ढे में चली गई, अरबपतियों ने दिखाया अच्छे दिन किसे कहते हैं, मुकेश अंबानी दुनिया के 8वें सबसे अमीर आदमी बने तो अदाणी की संपत्ति भी धुआँधार बढ़ी

Updated: Mar 02, 2021, 08:17 PM IST

महामारी में अच्छे दिन, दुगनी हुई अदाणी की अमीरी,  मुकेश अंबानी और मालामाल
Photo Courtesy : Economic Times

कोरोना काल में देश की इक़ॉनमी भले ही रसातल में पहुँच गई हो, अरबपतियों की क़िस्मत कुलाँचे भर रही है। देश के आम लोग भले ही बेरोज़गारी और महँगाई की दोहरी मार में पिस रहे हों, बड़े पूँजीपति संकट काल में भी अच्छे दिन के मज़े लूट रहे हैं। इस न्यू इंडिया के दो सबसे नामी, चमकदार और बुलंद सितारे हैं मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी। जिनकी अगुवाई में देश में अरबपतियों की फ़ौज नई मुक़ाम हासिल कर रही है।

हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2021 (Hurun Global Rich List 2021) के मुताबिक कोरोनाकाल में देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की संपत्ति में 24 फीसदी का शानदार उछाल देखने को मिला। दुनिया के धनकुबेरों की इस लिस्ट में मुकेश अंबानी 8वें  नंबर पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2020 में अंबानी की कुल संपत्ति बढ़कर 6.1 लाख करोड़ रुपये (83 बिलियन डॉलर) हो गई। पिछले साल अंबानी इस लिस्ट में 9वें नंबर पर थे और उनकी कुल संपत्ति 67 अरब डॉलर यानी लगभग 4.8 लाख करोड़ रुपए थी।

देश के सबसे अमीर अरबपतियों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं गुजरात के ही एक और कारोबारी गौतम अदाणी, जिनकी संपत्ति पिछले साल धुआंधार तरीके से बढ़ी है। साल 2020 के दौरान उनकी संपत्ति करीब दोगुनी बढ़कर 2.34 लाख करोड़ रुपये (32 बिलियन डॉलर) हो गई। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में वे अब 48वें नंबर पर हैं। पिछले साल इसी लिस्ट में वे 68वें नंबर पर थे। संपत्ति बढ़ने की रफ़्तार के लिहाज़ से देखें तो अदाणी की दौड़ अंबानी से भी तेज़ है। गौतम अदाणी के भाई विनोद अदाणी की संपत्ति भी पिछले साल 128 फ़ीसदी बढ़कर 9.8 अरब डॉलर हो चुकी है।

IT कंपनी HCL के शिव नाडर 1.98 लाख करोड़ रुपये (27 बिलियन डॉलर) की संपत्ति के साथ देश के तीसरे सबसे अमीर भारतीय हैं। दिलचस्प बात यह है कि जिस साल देश के आम लोग महामारी, तालाबंदी और महामंदी के बीच अपने जीवन और आजीविका को बचाने की जद्दोजहद में लगे थे, देश में अरबपतियों की  एक क़तार खड़ी हो रही थी। 2020 के दौरान देश में 40 नए अरबपति बढ़े हैं। इसके साथ ही अरबपतियों की कुल संख्या बढ़कर 177 पर पहुंच गई है।

दुनिया के सबसे अमीर लोगों की बात करें तो टेस्ला के मालिक एलन मस्क 14.46 लाख करोड़ रुपए (197 बिलियन डॉलर) के साथ पहले नंबर पर हैं। जबकि जेफ बेजोस की 13.88 लाख करोड़ रुपये (189 बिलियन डॉलर) की कुल संपत्ति के साथ इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं।

यह रिपोर्ट एक ऐसे दौर में आई है, जब मंदी से बाहर निकलने के दौरान ‘के’ (K) शेप रिकवरी की आशंका जाहिर की जा रही है। ‘के’ (K) शेप रिकवरी उस हालत को कहते हैं, जब किसी इकॉनमी की विकास दर में सुधार तो होता है, लेकिन साथ ही साथ अमीर और गरीब की खाई भी भयानक ढंग से बढ़ने लगती है। ऐसी हालत में विकास दर के आँकड़े भले ही रिकवरी की तस्वीर पेश कर रहे हों, लेकिन विकास के फ़ायदे आबादी के बेहद छोटे हिस्से तक ही पहुँच पाते हैं। ज़्यादातर लोग बदहाली के दुष्चक्र में फँसे रह जाते हैं। अर्थशास्त्र के नज़रिए से देखें तो यह हालत किसी भी देश के दीर्घकालिक हित में नहीं होती।