मिलिट्री कैंटीन्स में अब नहीं मिलेगा विदेशी सामान, रक्षा मंत्रालय ने लगाई बिक्री पर रोक

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, आर्मी कैंटीन में इंपोर्टेड सामान की बिक्री रोकने के दिए आदेश, करीब 7 प्रतिशत विदेशी सामान मिलता है इन कैंटीन में, स्वदेशी को बढ़ावा देने की कवायद में जुटी सरकार

Updated: Oct 24, 2020, 04:48 PM IST

मिलिट्री कैंटीन्स में अब नहीं मिलेगा विदेशी सामान, रक्षा मंत्रालय ने लगाई बिक्री पर रोक
Photo Courtesy: The Economic Times

दिल्ली। आर्मी कैंटीन से रियायती दर पर विदेशी सामान खरीदने वालों के लिए बुरी खबर है। अब इन कैंटीन्स में विदेशी सामान नहीं मिल सकेगा। भारत सरकार ने आर्मी कैंटीन्स में विदेशी सामान पर रोक लगा दी है। 19 अक्टूबर को रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आर्मी कैंटीन्स में विदेशी सामान आयात न किया जाए। स्वदेशी को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत बनाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल करते हैं, जिसके तहत रक्षा मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देश की करीब चार हजार मिलिट्री कैंटीन्स में इंपोर्टेड सामान नहीं बेचने को कहा गया है। स्वदेशी को बढ़ावा देने के बारे में रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं से सहमति के तहत ये फैसला लिया है। इस बारे में जल सेना, थल सेना और वायु सेना से बातचीत की गई थी। 

 आपको बता दें की देशभर में 2 अरब डालर से ज्यादा की बिक्री इन मिलिट्री कैंटीन्स के जरिए होती है। फिलहाल अभी यह खुलासा नहीं हुआ है कि विदेशी सामान की बिक्री पर रोक लगने का असर किस सामान पर होगा। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार सेना की कैंटीन्स को भेजे आदेशों में यह नहीं साफ है कि कौन कौन सा सामान इसके दायरे में आएगा। मीडिया रिपोर्ट्स में विदेशी शराब पर रोक लगने की अटकलों के बाद सरकार ने ये कदम उठाया है।

सेना की कैंटीन में सैनिकों और उनके परिवार को रियायती दामों में सामान बेचा जाता है। जिनमें रोजमर्रा के सामान के साथ शराब, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स के अलावा रोजमर्रा के अन्य सामान को सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सस्ते दामों में मिलता है।

एक आंकड़े के मुताबिक मिलिट्री कैंटीन्स में बिकने वाला लगभग 7 फीसदी सामान विदेशी होता है। जिसमें चीन से इंपोर्ट होने वाला सामान भी शामिल है। चीन से पर्स, लैपटॉप, वैक्यूम क्लीनर, हैंडबैग और डाइपर्स आदि शामिल हैं। हालांकि इस आदेश से पहले ही विदेशी शराब सप्लाई करने वाली दो विदेशी कंपनियों को जून महीने में ही ऑर्डर मिलना कम हो गया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में आयात पर रोक लगाने वाले सामान की लिस्ट नहीं जारी की गई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि इसमें विदेशी शराब शामिल हो सकती है।