मूंग खरीदी बंद होने से परेशान हैं सीएम के गृह क्षेत्र के किसान, तहसील कार्यालय पर शुरू किया धरना

नसरुल्लागंज तहसील कार्यालय में सैकड़ों किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है, यह सभी उपार्जन पोर्टल के बंद होने से परेशान हैं, पोर्टल के बंद होने के कारण मूंग की खरीदी रुक गई है, बार बार कोरा आश्वासन हाथ लगने की वजह है आक्रोशित किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है

Updated: Jul 26, 2021, 09:49 PM IST

मूंग खरीदी बंद होने से परेशान हैं सीएम के गृह क्षेत्र के किसान, तहसील कार्यालय पर शुरू किया धरना

सीहोर।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के गृह क्षेत्र के किसान मूंग की खरीदी बंद होने के कारण परेशान हैं। पोर्टल के बंद होने के कारण किसान रजिस्ट्रेशन करने में असमर्थ हैं। प्रशासन द्वारा लगातार कोरे आश्वासन मिलने के बाद आखिरकार आज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में किसानों ने सोमवार को नसरुल्लागंज तहसील कार्यालय के गेट पर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि सरकारी पोर्टल खराबी का बहाना बनाकर मूंग खरीदी बंद करना चाह रही है।

धरना प्रदर्शन कर रहे है एक किसान शंकर पटेल ने बताया कि 20 जुलाई को उनका एक समूह नसरुल्लागंज एसडीएम से मिला था। किसान ने कहा कि हमने एसडीएम साहब से यह अपील की थी कि सरकार ने पोर्टल की खराबी का हवाला देकर जो मूंग की खरीदी पर रोक लगा दी है, उसे दोबारा शुरू किया जाए। 

किसान ने कहा कि हमें बदले में जल्द ही पोर्टल के शुरू होने और मूंग खरीदी का आश्वासन मिला था। लेकिन आज जब आश्वासन की अवधि पूरी होने पर हम एसडीएम साहब से जवाब मांगने पहुंचे तब उन्होंने तीन दिन और इंतजार करने के लिए कहा। शंकर पटेल ने कहा कि बार बार महज़ आश्वासन मिलने से परेशान होकर हमने एसडीएम से यह बात लिखित में देने के लिए कहा तब एसडीएम झल्ला गए। एसडीएम ने कहा कि अगर आप लोगों की इच्छा यहीं बैठने की है तो बैठें, मैं लिखित में कुछ नहीं दूंगा।

एसडीएम के इस रवैए के कारण पहले से ही परेशान किसान आक्रोशित हो गए और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि अब जब तक उपार्जन पोर्टल फिर से शुरू नहीं होता है, और सरकार उनके फसल की खरीद शुरू नहीं करती है, तब तक वे ऐसे ही अपना धरना जारी रखेंगे। 

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किसानों का कहना है कि पिछले ग्यारह दिनों से वे ऐसे ही दर दर की ठोकरें खा रहे हैं। अगर एक दो दिन में हमारी मांग नहीं मानी गई तो हम अपने मवेशियों को तहसील कार्यालय के गेट पर लाकर खड़ा कर देंगे। इसके बाद भी अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो हम अपने ट्रैक्टर ट्रॉली लाकर यहां खड़ा कर देंगे और जाम लगा देंगे। 

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दरअसल मूंग की फसल उपजाने वाले किसानों को इस वर्ष शुरुआत से ही मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। होशंगाबाद और हरदा में किसानों को मूंग की सिंचाई के लिए पानी न मिल पाने के कारण बड़े स्तर पर मूंग की फसल प्रभावित होने का भी अनुमान है। वहीं प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में भी किसान उपार्जन पोर्टल के बंद होने और मूंग की खरीदी बंद होने के कारण परेशान हैं। प्रदेश के अब तक सिर्फ बीस फीसदी मूंग ही खरीदी गई है। पहले मूंग की खरीदी में हुई देरी और अब पोर्टल के बंद हो जाने के कारण किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा है।