नियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ा आतंकी हमला, अबतक 35 की मौत, 22 हमलावर भी ढेर

नाइजर की राजधानी नियामी के डियोरी हमानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हथियारबंद हमलावरों ने हमला किया, जिसमें 11 सैनिक और दो नागरिक मारे गए।

Updated: Jun 19, 2026, 04:53 PM IST

नियामी। अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी नियामी में स्थित मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार तड़के हथियारबंद हमलावरों ने बड़ा हमला कर दिया। इस हमले में 11 सैनिकों और दो नागरिकों की मौत हो गई, जबकि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 22 हमलावर भी मारे गए। नाइजर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमलावरों ने राजधानी के डियोरी हमानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमले को विफल कर दिया। इस दौरान 20 संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया गया है। उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई आतंकियों को मार गिराया, जबकि कुछ हमलावर स्थानीय लोगों के बीच छिपकर फरार होने में सफल रहे। आतंकियों की तलाश के लिए सेना द्वारा अभियान शुरू किए जाने की जानकारी फैलते ही कई नागरिक डंडों और अन्य हथियारों के साथ सड़कों पर उतर आए और संदिग्ध अजनबियों पर हमला करने लगे। बाद में सेना ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला गुरुवार सुबह फज्र की नमाज के तुरंत बाद हुआ। स्थानीय निवासियों ने बताया कि नमाज के बाद उन्हें जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके तुरंत बाद सेना की टुकड़ियां घटनास्थल की ओर रवाना होती दिखाई दीं।

नाइजर की सेना ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में 22 आतंकवादी मारे गए, जबकि चार सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। इसके अलावा 20 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा बलों ने आतंकियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए हैं, जिनमें RPG-7 लॉन्चर, AK-47 राइफलें, विस्फोटक, ग्रेनेड और संचार उपकरण शामिल हैं।

सेना ने स्वीकार किया कि कुछ नागरिक भी आतंकियों की तलाश में शामिल हुए थे, हालांकि उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। हमले के बाद जांच के लिए एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

गौरतलब है कि नाइजर, बुर्किना फासो और माली तीनों देशों में सैन्य शासन है और ये लंबे समय से इस्लामिक आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। नाइजर का यह एयरपोर्ट नागरिक उड़ानों के साथ-साथ सैन्य गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसके कारण यह आतंकियों के निशाने पर रहता है।

इससे पहले जनवरी में भी इसी एयरपोर्ट को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। उस हमले में चार सैनिकों की मौत हुई थी, जबकि 20 हमलावर मारे गए थे। उस समय नाइजर के राष्ट्रपति अब्दुरहमान तियानी ने हमले के लिए फ्रांस और बेनिन पर आरोप लगाए थे तथा हमले को विफल करने में सहयोग के लिए रूस का आभार व्यक्त किया था।