Nepal: भारत को भेजेगा बदला हुआ नक्शा

Nepal Border Dispute: नए मानचित्र में कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को दिखाया गया है नेपाल का हिस्सा

Updated: Aug-02, 2020, 05:45 PM IST

Nepal: भारत को भेजेगा बदला हुआ नक्शा

नई दिल्ली। नेपाल के एक मंत्री ने कहा है कि अगस्त के मध्य तक नेपाल अपना संशोधित मानचित्र भारत, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्री समुदाय को भेजेगा। नेपाल के संशोधित मानचित्र में कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार नेपाल के भूमि प्रबंधन मंत्री पद्मा अर्याल ने कहा, “हम एक संशोधित मानचित्र जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा शामिल हैं, उसे संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों और भारत सहित पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भेजेंगे। यह प्रक्रिया इस महीने के मध्य तक पूरी हो जाएगी।”

बताया जा रहा है कि नेपाल के भूमि प्रबंधन मंत्रालय ने अंग्रेजी भाषा में चार हजार नेपाली मानचित्र छापने का आदेश दिया है। वहीं करीब 25 हजार संशोधित मानचित्र पूरे नेपाल में बांटे गए हैं। यह पूरा घटनाक्रम तब हो रहा है जब नेपाल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी में फूट पड़ गई है। पार्टी में वर्तमान प्रधानमंत्री केपी ओली का विरोधी गुट बार-बार कह रहा है कि उनके द्वारा अपनाया गया भारत विरोधी रुख ना तो राजनीतिक रूप से सही है और ना ही राजनयिक रूप से जायज है। इस विरोधी गुट का नेतृत्व नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री कमल दहल ‘प्रचंड’ कर रहे हैं।

इससे पहले जून में नेपाल सरकार ने एक संशोधित राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा जारी किया था, जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा के रणनीतिक महत्व वाले क्षेत्रों को उसके भू-भाग में दर्शाया गया था। इस पर नाराजगी जताते हुए भारत ने नेपाल से स्पष्ट रूप से कहा था कि भूभाग के दावों को इस तरह से कृत्रिम तरीके से विस्तार देने की बात स्वीकार्य नहीं होगी और पड़ोसी देश को “मानचित्र के जरिए गैर-न्यायोचित दावे” करने से बचना चाहिए।

दोनों देशों के बीच रिश्तों में तब तनाव आ गया था जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आठ मई को उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रे को धारचुला से जोड़ने वाली रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 80 किलोमीटर लंबी सड़क का उद्घाटन किया था। नेपाल ने इस सड़क के उद्घाटन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया था कि यह नेपाली सीमा से होकर जाती है। भारत ने उसके दावे को खारिज करते हुए कहा था कि सड़क पूरी तरह से उसकी सीमा में है।