हम जंग लड़ने को तैयार, हॉर्मूज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकाबंदी पर बोला ईरान
ट्रंप ने ईरान को बड़ी चेतावनी दी है कि समझौता न होने तक बंदरगाहों से नाकेबंदी नहीं हटेगी। वहीं, ईरान ने दबाव के आगे झुकने से इनकार किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता तब तक उसके बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी नहीं हटेगी। ट्रंप ने दावा किया है कि एक हफ्ते पहले शुरू की गई यह कार्रवाई ईरान पर भारी दबाव बना रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अगर बुधवार शाम तक अस्थायी युद्धविराम के भीतर कोई ठोस सहमति नहीं बनती है तो संघर्ष फिर भड़क सकता है। इस बयान के तुरंत बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। तेहरान ने दबाव की राजनीति के आगे झुकने से इनकार कर दिया है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका इस टकराव में मजबूत स्थिति में है और फिलहाल नाकेबंदी हटाने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि तय समयसीमा तक समझौता नहीं हुआ तो सीजफायर आगे बढ़ाने की संभावना बेहद कम है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि हालात बिगड़े तो फिर बमबारी भी शुरू हो सकती है। यह दो हफ्ते का युद्धविराम 8 अप्रैल से लागू था लेकिन अभ इसकी समाप्ति के करीब है।
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ट्रंप के इस रुख के बाद ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका धमकी और दबाव के जरिए बातचीत को ईरान के आत्मसमर्पण में बदलना चाहता है। गालिबाफ ने आरोप लगाया है कि सीजफायर तोड़ने की चेतावनी देकर वॉशिंगटन दोबारा जंग शुरू करने का बहाना तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी अल्टीमेटम के तहत वार्ता नहीं करेगा और पिछले दो हफ्तों में देश ने संभावित संघर्ष के लिए अपनी तैयारी और मजबूत कर ली है।
तनाव के बीच पाकिस्तान में संभावित दूसरे दौर की अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंच सकता है। लेकिन ईरान ने शर्त रखी है कि वार्ता तभी होगी जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस भी मौजूद होंगे। अमेरिकी पक्ष से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के भी इस प्रक्रिया में शामिल होने की चर्चा है।
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हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने औपचारिक तौर पर कहा है कि बातचीत में शामिल होने की फिलहाल कोई निश्चित योजना नहीं है। इसी बीच समुद्री मोर्चे पर भी तनाव कम नहीं हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही धीमी पड़ने की खबर सामने आई है। जबकि, अमेरिका द्वारा टूस्का नाम के एक ईरानी जहाज को रोकने के बाद विवाद और गहरा गया है। ईरान ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर क्षेत्रीय तनाव के बीच इजरायल और लेबनान के बीच भी 23 अप्रैल को दूसरे दौर की बातचीत तय है। यह व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
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