संसद में राहुल गांधी की स्पीच पर दूसरे दिन भी हंगामा, कांग्रेस के 8 सांसद सत्र से निलंबित
सांसदों के निलंबन पर प्रियंका गांधी ने कहा कि यह बिल्कुल हास्यास्पद है। लोकतंत्र में हर सदस्य को बोलने का अधिकार होना चाहिए और उनकी चिंताओं को सुना जाना चाहिए।
नई दिल्ली। लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच पर लगातार दूसरे दिन हंगामा हुआ। राहुल ने मंगलवार दोपहर 2 बजे पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश्ड बुक के आर्टिकल को सदन में पेश किया। इसपर उन्हें भाषण देने से रोक दिया गया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने हाथ में प्लेकार्ड लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसके बाद कांग्रेस के 8 सांसदों को सत्र से निलंबित कर दिया गया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को एक बार फिर चीन का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्पीकर से कहा कि मुझे इस मुद्दे पर बोलने दिया जाना चाहिए। मैंने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया, मुझे बोलने क्यों नहीं दिया जा रहा। हंगामा बढ़ने पर सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से कहा कि मोदी जी घबराए हुए हैं। (अमेरिका-भारत) ट्रेड डील, जो पिछले कुछ महीनों से अटकी हुई थी, उसे नरेंद्र मोदी ने कल रात साइन कर दिया। उन पर बहुत ज़्यादा दबाव है। नरेंद्र मोदी जी की इमेज खराब हो सकती है। सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे PM कॉम्प्रोमाइज़्ड हैं। जनता को इस बारे में सोचना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि आज पहली बार विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के भाषण पर बोलने नहीं दिया गया। नरेंद्र मोदी जी ने इस ट्रेड डील में आपकी मेहनत बेच दी है क्योंकि वह कॉम्प्रोमाइज़्ड हैं। उन्होंने देश को बेच दिया है। नरेंद्र मोदी जी डरे हुए हैं क्योंकि जिन्होंने उनकी इमेज बनाई थी, अब वही इस इमेज को तोड़ रहे हैं....अडानी जी पर अमेरिका में एक केस है, वह असल में मोदी जी पर केस है....एपस्टीन फाइल्स में और भी बहुत कुछ है जो अमेरिका ने अभी तक जारी नहीं किया है। उसकी वजह से भी दबाव है। ये दो प्रेशर पॉइंट्स हैं। देश को यह समझना चाहिए।
हंगामा के दौरान पीठासीन की तरफ पेपर उछालने वाले 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। इनमें अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, प्रशांत परोले, एस वेंटकटरमण, मणिकम टैगोर, किरण कुमार रेड्डी, हिबी ईडन, गुरजीत औजला और डीन कोरियोकोज शामिल हैं। सांसदों के निलंबन के खिलाफ कांग्रेस के सांसद संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में राहुल और प्रियंका गांधी भी शामिल हैं। सांसदों के निलंबन पर प्रियंका गांधी ने कहा कि यह बिल्कुल हास्यास्पद है। लोकतंत्र में हर सदस्य को बोलने का अधिकार होना चाहिए और उनकी चिंताओं को सुना जाना चाहिए।
इससे पहले लोकसभा में सोमवार को भारी हंगामा देखने को मिला। विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए एक पत्रिका में प्रकाशित अंशों का हवाला दिया। ये अंश भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक से जुड़े बताए गए, जिसके बाद सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
राहुल गांधी ने सदन में कहा कि कारवां पत्रिका में जनरल नरवणे के संस्मरण से जुड़े कुछ अंश प्रकाशित हुए हैं, जिन्हें सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पत्रिका से केवल पांच पंक्तियां पढ़ना चाहते हैं। जैसे ही उन्होंने दोबारा बोलना शुरू किया, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आतंकवाद से लड़ने का दावा करने वाली सरकार एक उद्धरण से डर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को कोई डर नहीं है तो उन्हें सदन में वह अंश पढ़ने की अनुमति दी जानी चाहिए।




