WhatsApp Encryption Fraud: वॉट्सऐप आपके प्राइवेट मैसेज पढ़ रहा, एन्क्रिप्शन फ्रॉड को लेकर छिड़ी नई बहस

याचिका में दावा किया गया है कि वॉट्सएप अपने यूजर्स के मैसेज को बीच में ही इंटरसेप्ट करता है। इसमें कहा गया है कि मेटा इन मैसेज को एक्सेंचर जैसी तीसरी पार्टियों के साथ शेयर कर रहा है।

Updated: Apr 10, 2026, 04:11 PM IST

Meta की स्वामित्व वाली पइंस्टेंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp एक बार फिर विवादों में है। Whatsapp के कथित एंड टू एंड एन्क्रिप्शन को लेकर दुनियाभर के बहस छिड़ गई है। ट्विटर अब "एक्स" के मालिक एलन मस्क ने कहा कि WhatsApp पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वहीं, टेलीग्राम CEO ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा फ्रॉड बताया है।

यह विवाद अमेरिका में वॉट्सएप के खिलाफ दायर एक नए क्लास एक्शन मुकदमे के बाद शुरू हुआ है। यह मुकदमा इसी साल जनवरी में ब्रायन वाई. शीराजी और निदा सैमसन नाम के दो यूजर्स ने कैलिफोर्निया के फेडरल कोर्ट में दायर किया गया था। इसमें मेटा प्लेटफॉर्म्स और एक्सेंचर को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने ज्यूरी ट्रायल की मांग की है और कंपनी से हर्जाने की अपील की है।

याचिका में दावा किया गया है कि वॉट्सएप अपने यूजर्स के मैसेज को बीच में ही इंटरसेप्ट करता है। इसमें कहा गया है कि मेटा इन मैसेज को एक्सेंचर जैसी तीसरी पार्टियों के साथ शेयर कर रहा है। जबकि कंपनी दावा करती है कि उसके मैसेज 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड' हैं यानी भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई तीसरा इन्हें नहीं पढ़ सकता।

इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए X चैट का इस्तेमाल करने की अपील की और दावा किया कि वहां 'असली प्राइवेसी' मिलती है।वहीं, पावेल डुरोव ने कहा कि वॉट्सएप अरबों यूजर्स को गुमराह कर रहा है। टेलीग्राम ने कभी ऐसा नहीं किया और न ही कभी करेगा।

इन गंभीर आरोपों पर मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि मुकदमे में किए गए दावे पूरी तरह से झूठे और बेतुके हैं। वॉट्सएप पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर रहा है। आपके मैसेज भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई और नहीं पढ़ सकता।