WHO की चेतावनी, इस साल खत्म नहीं होने वाली कोरोना महामारी

विश्व स्वास्थ्य संगठन के इमर्जेंसी प्रोग्राम के डायरेक्टर डॉ.माइकल रेयान ने कहा, यह सोचना ठीक नहीं है कि कोरोना महामारी इस साल के अंत तक खत्म हो जाएगी, ऐसा नहीं होने जा रहा

Updated: Mar 03, 2021, 09:47 AM IST

WHO की चेतावनी, इस साल खत्म नहीं होने वाली कोरोना महामारी
Photo Courtesy: Aaj Tak

डब्ल्यूएचओ। विश्वभर के लोग जल्द से जल्द कोरोना वायरस महामारी के खात्मे का इंतजार कर रहे हैं। दुनिया के ज्यादातर देशों में टीकाकरण अभियान की भी शुरुआत हो गई है। लेकिन अगर आपको लगता है कि कोरोना महामारी का प्रकोप इस साल के अंत तक खत्म हो जाएगा, तो आप ठीक नहीं सोच रहे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि इस साल कोरोना महामारी का प्रकोप खत्म नहीं होने वाला है। संगठन ने कहा है कि ऐसी उम्मीद करना अपरिपक्वता वाली बात होगी।

WHO के इमर्जेंसीज प्रोग्राम के डायरेक्टर डॉ माइकल रेयान ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, 'दुनियाभर के देशों को अभी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने पर फोकस करना चाहिए। अगर हम होशियार हैं, तो हम साल के अंत तक कोरोना के अस्पताल में भर्ती कराये जाने वाले मरीजों, मौतों और इस महामारी से जुड़ी त्रासदी पर काबू पा सकते हैं। वायरस से उपजी महामारी काफी हद तक नियंत्रण में आ रही है। लेकिन अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि हम साल के अंत तक इस वायरस से पूरी तरह छुटकारा पा लेंगे।' 

डॉ. रेयान ने कहा, 'वैक्सीन की मदद से अगर कोरोना के कारण होने वाली मौतों की संख्या घटाने के साथ ही साथ अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की तादाद कम करने और इंफेक्शन के फैलाव को रोकने में कामयाबी मिली, तो हम इस महामारी को नियंत्रित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।' उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि वैक्सीन मिल जाने की वजह से अतिउत्साह में आ जाना भी ठीक नहीं है। डॉ. रेयान ने आगाह किया है कि ऐसी खतरनाक महामारियों की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने बताया कि फिलहाल विश्व स्वास्थ्य संगठन का ध्यान वायरस के फैलाव को नियंत्रित करने पर है, ताकि कोरोना वायरस के नए-नए वैरिएंट को विकसित होने से रोका जा सके। बीमार लोगों की संख्या को कम करने के लिए भी यह ज़रूरी है।

इस बीच डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर टेड्रोस अधानोम ने दुनियाभर में चल रहे टीकाकरण अभियान को लेकर निराशा जताई है। टेड्रोस ने कहा है कि एक ओर बड़े और विकसित देशों में युवाओं और स्वस्थ लोगों को भी टीका लगाया जा रहा है, वहीं दुनिया में काफी देश ऐसे हैं जहां स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी टीका उपलब्ध नहीं हो पाया है। 

टेड्रोस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जिस तरह से अमीर देशों में जल्दी से जल्दी कोरोना वैक्सीन की ज्यादा से ज्यादा खुराक पाने की होड़ मची है, उससे दुनिया के गरीब देशों के लोगों पर खतरा बना रहेगा। ऐसी स्थिति में इस महामारी को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकेगा। डॉ टेड्रॉस ने कहा कि सभी देशों को यह समझना चाहिए कि वे किसी दौड़ में शामिल नहीं हैं, बल्कि यह मानवता को बचाने की लड़ाई है। हम किसी देश को यह नहीं कह रहे हैं कि वह अपने नागरिकों को खतरे में डाले, हम सभी से वायरस को खत्म करने की वैश्विक प्रयास का हिस्सा बनने के लिए कह रहे हैं।