ग्वालियर में दिमागी बुखार से 2 बच्चों की मौत, एक बेड पर 3, 4 बच्चों का हो रहा इलाज

ग्वालियर में डेंगू, दिमागी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी, 12 की हालत नाजुक, अस्पतालों में बदहाली का आलम, कमलाराजा अस्पताल में 9 में से वेंटिलेटर्स 4 खराब

Updated: Sep 28, 2021, 05:12 PM IST

ग्वालियर में दिमागी बुखार से 2 बच्चों की मौत, एक बेड पर 3, 4 बच्चों का हो रहा इलाज
Photo Courtesy: Bhaskar

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर की तैयारी की पोल खुलती नजर आ रही है। ग्वालियर के सबसे बड़े अस्पतालों में बेड की कमी है। यही वजह है कि एक पलंग पर 3-4 शिशुओं का इलाज किया जा रहा है। अस्पतालों में दिमागी बुखार, डेंगू औऱ वायरल से पीड़ित बच्चों की संख्या अचानक बढ़ी है। दिमागी बुखार याने पायोजेनिक मेनिंजाइंटिस की वजह से 24 घंटे में दो मासूमों ने दम तोड़ दिया है। ग्वालियर के सबसे बड़े कमलाराजा अस्पताल में आधा दर्जन से ज्यादा बच्चे अपनी जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने को म रहे हैं.

डेंगू वायरल फीवर के मरीज कमलाराजा बाल चिकित्सालय में बढ़ने की वजह से सभी वॉर्ड भरे हुए हैं। जिसकी वजह से एक ही पलंग पर 3 से 5 बच्चों को लिटा कर इलाज किया जा रहा है। बच्चे काफी छोटे हैं, इसलिए आसपास उनके माता-पिता का होना भी जरूरी है, कह कर वार्डों में भीड़ लगाई जा रह है। अस्पताल से आई तस्वीरें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग ने कैसी तैयारी की है। वहीं इन सबके बारें में अस्पताल प्रबंधन कुछ भी कहने से बच रहा है।

ग्वालियर के अस्पतालों में प्रदेश के जिलों के अलावा, पड़ोसी राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। सीमावर्ती जिला होने की वजह से यूपी के बुंदेलखंड क्षेत्र से भी आते हैं। दरअसल कामलाराजा अस्पताल में वर्तमान में 360 बच्चे भर्ती हैं। जिनमें से PICU के 36 बेड पर 86 बच्चे और NICU में 83 बच्चों का इलाज जारी है। ICU के हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां 9 वेंटिलेटर्स है जिनमें से 4 काम नहीं करते है।