MP विधानसभा का 5 दिवसीय मानसून सत्र 25 जुलाई से होगा शुरू, नेता प्रतिपक्ष ने समयावधि बढ़ाने की मांग

मध्य प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव चल रहे हैं... 18 जुलाई तक नगरीय निकाय चुनाव परिणामों की घोषणा हो जाएगी... मानसून सत्र के हंगामेदार रहने का अनुमान लगाया जा रहा है

Updated: Jun 21, 2022, 04:57 PM IST

MP विधानसभा का 5 दिवसीय मानसून सत्र 25 जुलाई से होगा शुरू, नेता प्रतिपक्ष ने समयावधि बढ़ाने की मांग
Photo Courtesy: bhaskar

भोपाल। मध्य प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत एवं नगरीय चुनाव प्रक्रिया खत्म होते ही विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होगा। ये मानसून सत्र 25 जुलाई से 5 दिन यानी 29 जुलाई तक चलेगा। इस सत्र में महत्वपूर्ण विधि विषयक और वित्तीय कार्य संपादित किए जाएंगे। विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में राज्यपाल मंगूभाई पटेल के आदेशानुसार अधिसूचना जारी कर दी है।

विधानसभा सचिवालय द्वारा मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल के आदेश पर जारी अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि "संविधान के अनुच्छेद 174 खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं एतद द्वारा इस राज्य मैं राज्य की विधानसभा सोमवार, दिनांक 25 जुलाई, 2022 को पूर्वाह्न 11 बजे भोपाल में समवेत होने के लिए आमंत्रित करता हूं"।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने मानसून सत्र की अल्प अवधि पर आपत्ति जताई है। उन्होंने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है, इसके साथ ही सरकार पर विपक्ष और जनता की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया। डॉ गोविंद सिंह ने कहा कि 5 दिन की जगह 3 सप्ताह का सत्र बुलाया जाए। सत्र की समय अवधि नहीं बढ़ाई जाएगी तो हम विरोध करेंगे। अलोकतांत्रिक सरकार विपक्ष और जनता की आवाज दबाना चाहती है। हाल ही में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने सरकार को पत्र लिखकर जल्द सत्र बुलाने की मांग की थी।

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इस मानसून सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2022-23 का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। अनुपूरक बजट के 5000 करोड़ रुपए से ज्यादा रहने की संभावना है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश नगरपालिक विधि संशोधन और भू राजस्व संहिता संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत किए जाएंगे। 

इसके साथ ही मध्य प्रदेश नगरपालिक विधि अधिनियम में अध्यादेश के माध्यम से किए गए संशोधन पर 'महापौर का चुनाव सीधे जनता के माध्यम से कराने का' संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं राजस्व मंडल में खंडपीठ गठित करने की व्यवस्था के लिए भू-राजस्व संहिता अध्यादेश के माध्यम से किए गए संशोधन के स्थान पर विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव चल रहे हैं। 18 जुलाई तक नगरीय निकाय चुनाव परिणामों की घोषणा हो जाएगी। मानसून सत्र के हंगामेदार रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।