Bhopal: कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की बढ़ी मुश्किलें, गिरफ्तारी वारंट जारी

भोपाल के इकबाल मैदान पर प्रदर्शन के मामले में स्पेशल कोर्ट ने जारी किया है आरिफ़ मसूद की गिरफ्तारी का वारंट, अब तक 6 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

Updated: Nov 17, 2020, 08:38 PM IST

Bhopal: कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की बढ़ी मुश्किलें, गिरफ्तारी वारंट जारी

भोपाल। धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में स्पेशल कोर्ट ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दे दिया है। मसूद पर इकबाल मैदान में हजारों की भीड़ इकट्ठा करने और धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है। कांग्रेस विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ तलैया थाने में दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। एक मामले में कांग्रेस विधायक को थाने से जमानत मिल चुकी है। जबकि दूसरे मामले में मसूद पर धार्मिक भावनाएं भड़काने की गैर जमानती धारा 153 में केस दर्ज है।

स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के दौरान मसूद के वकील की दलील थी कि एक ही मामले में दो एफआईआर दर्ज नहीं हो सकतीं। पहली बार आरिफ मसूद और समर्थकों पर 29 अक्टूबर को तलैया पुलिस ने धारा 188, 269, 279 का अपराध दर्ज किया था, जिसमें आरोपी जमानत पर है।

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स्पेशल कोर्ट के जज प्रवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि केस डायरी से पता चलता है कि आरोपी आरिफ मसूद के नेतृत्व में हजारों लोगों ने प्रदर्शन कर फ्रांस के राष्ट्रपति का पुतला दहन किया। आरोप है कि इस दौरान कांग्रेस विधायक ने धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला भाषण भी दिया। जिसमें उन्होंने कहा था कि फ्रांस के राष्ट्रपति को भारत में बैठी हिन्दूवादी सरकार सहमति दे रही हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार को भी हिन्दूवादी बताते हुए कहा था कि मुस्लिम वर्ग के अपमान को सरकार शह दे रही है। हिन्दुस्तान की केंद्र और राज्य सरकार कान खोलकर सुन ले, यदि फ्रांस के इस कृत्य का विरोध नहीं किया गया, तो हिंदुस्तान में भी ईंट से ईंट बजा देंगे। 

स्पेशल कोर्ट ने कहा कि कांग्रेस विधायक ने कलेक्टर की अनुमति के बिना प्रदर्शन किया। आरिफ मसूद और 2000 लोगों पर कोविड–19 गाइड लाइन के उल्लंघन करने का आरोप है। वहीं, दूसरा आरोप उन्मादी भाषण देकर दो संप्रदायों में आक्रोश पैदा करने का है। दोनों अपराध अलग-अलग हैं। आरोपी आरिफ मसूद पर लगे आरोपों को गंभीर मानते हुए उन्हें अग्रिम जमानत दिया जाना उचित नहीं है। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद से पुलिस कांग्रेस विधायक की तलाश में जुटी है। लेकिन अब तक वो पुलिस की पकड़ में नहीं आए हैं।

गौरतलब है कि भोपाल में फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ केस दर्ज़ किया गया था। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विरोध में हुए इस प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराज़गी जताई थी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि मध्य प्रदेश शांति का टापू है। इसकी शांति को भंग करने वालों से हम पूरी सख्ती से निपटेंगे। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा, वो चाहे कोई भी हो।