भोपाल: रात दो बजे बंद हुई ऑक्सीजन सप्लाई, तड़पते रहे मरीज, डेढ़ घंटे में दो की मौत

राजधानी भोपाल स्थित जेपी अस्पताल की है घटना, चार महीने पहले हमीदिया में बिजली गुल होने की वजह से हुई थी तीन मरीजों की मौत

Updated: Apr 02, 2021, 12:14 PM IST

भोपाल: रात दो बजे बंद हुई ऑक्सीजन सप्लाई, तड़पते रहे मरीज, डेढ़ घंटे में दो की मौत
Photo Courtesy: Fortune

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित जेपी अस्पताल में बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात दो मरीजों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों मरीजों की मौत ऑक्सीजन सप्लाई में रुकावट की वजह से हुई। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि ऑक्सीजन सप्लाई नहीं रुकी बल्कि दोनों मरीजों की हालत गंभीर थी। मामले पर कांग्रेस ने राज्य की शिवराज सरकार को निशाने पर लिया है।

मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलुजा ने ट्वीट किया, 'भोपाल के जेपी अस्पताल में ऑक्सिजन की कमी से कल रात दो लोगों की मौत? कोरोना की पिछली लहर में भी देवास ज़िले में ऑक्सिजन की कमी से मरीज़ों की मौत हुई थी। शिवराज जी आपकी सरकार एक वर्ष में प्रदेश में ऑक्सिजन की आपूर्ति की व्यवस्था तक नहीं कर पायी? ये कैसा सुशासन?'

 

सलुजा ने एक वीडियो भी साझा किया है जिसमें अस्पताल के कर्मचारी आपस में यह बात करते हुए सुने जा सकते हैं कि ऑक्सीजन सप्लाई रूक गई है। मृतकों में शामिल भानपुर के कल्याण नगर की 50 वर्षीय रामरती अहिरवार कोरोना के आईसीयू में भर्ती थीं, जबकि दूसरे मरीज सीबी मेश्राम कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती थे। जेपी के सिविल सर्जन डॉ. राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि ऑक्सीजन सप्लाई नहीं रुकी थी। दोनों मरीजों की हालत गंभीर थी। फिलहाल शासन ने अब तक इस मामले पर किसी तरह की जांच के आदेश नहीं दिए हैं। 

रात ढाई बजे चिल्लाने की आवाज

मृतक रामरती के बेटे ने बताया कि उन्होंने अपनी मां को 28 मार्च को जेपी में भर्ती कराया था, तब उन्हें तेज बुखार था। अगले दिन उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बुधवार रात को रामरती की हालत अच्छी थी। उन्होंने अपने बेटे से बात की, दलिया खाया और सो गई थीं। उनका बेटा रात में वार्ड के बाहर ही रुका था। रात ढाई बजे वार्ड में कोई मरीज बुरी तरह चिल्ला रहा था। तब वह वार्ड में जाना चाहता था, लेकिन गार्ड ने अंदर नहीं जाने दिया। 

दूसरे मृतक सीबी मेश्राम को दो दिन पहले ही परिजनों ने यहां भर्ती किया था। सीबी को निमोनिया था। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो उनकी कोरोना जांच कराई गई, लेकिन रेपिड एंटीजन टेस्ट निगेटिव थी। ऐसे में आरटीपीसीआर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट नहीं आने की स्थिति में उनको कोरोना सस्पेक्टेड वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

बता दें कि यह पहली घटना नहीं है जब राजधानी भोपाल में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने की वजह से मरीजों के मौत की खबर सामने आई हो। इसके पहले शासकीय हमीदिया अस्पताल में तीन मरीज ऑक्सीजन नहीं मिलने की वजह से दम तोड़ चुके हैं।बीते साल 11 दिसंबर को हमीदिया के कोरोना वार्ड की दो घंटे बिजली गुल होने से ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई थी। तब ऑक्सीजन सपोर्ट पर चल रहे तीन मरीजों की एक के बाद एक मौत हो गई थी। हालांकि, जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट दे दी गई थी।