बीजेपी MLA नारायण त्रिपाठी ने फिर उठाई विंध्य प्रदेश बनाने की माँग, पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

सीएम शिवराज के लिए सिरदर्द बने मैहर के बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी, पीएम मोदी को लिखे पत्र में याद दिलाई छोटे राज्य बनाने की बीजेपी की नीति, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला भी दिया

Updated: Feb 11, 2021, 02:26 PM IST

बीजेपी MLA नारायण त्रिपाठी ने फिर उठाई विंध्य प्रदेश बनाने की माँग, पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी
Photo Courtesy : Aajtak

भोपाल। मध्य प्रदेश के मैहर से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने एक बार फिर से अलग विंध्य प्रदेश बनाने की मांग उठाई है। इस बार उन्होंने अपनी इस मांग को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिख दी है। नारायण त्रिपाठी लंबे अरसे से यह मांग करते आ रहे हैं, लेकिन उनकी अपनी ही पार्टी में उन्हें इसके लिए समर्थन की जगह हिदायत मिलती रही है। लगता है प्रदेश में अपनी सुनवाई नहीं होने पर इस बार उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री के दरबार में गुहार लगाने का फैसला किया है। 

पीएम मोदी के नाम खत में नारायण त्रिपाठी ने लिखा, 'स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1948 में विन्ध्य प्रदेश का गठन समीपवर्ती रियासतों का विलय कर किया गया था। तदोपरांत 1956 में जनभावनाओं के खिलाफ इसका विलय मध्यप्रदेश में इस आश्वासन पर कर दिया गया कि रीवा को राजधानी जैसा दर्जा दिया जायेगा। विलय के उपरांत मध्यप्रदेश के कोई भी बड़े संस्थान कार्यालय, उद्योग घंधे इस इलाके में स्थापित नहीं हो सके और यह क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की मुख्यधारा से अलग होता गया।'

बीजेपी विधायक ने आगे लिखा, 'भाजपा की वर्तमान सरकारों ने इस क्षेत्र के विकास के लिए सार्थक प्रयास किये किन्तु विन्ध्य के आम जनमानस में पिछड़ेपन की कसक आज भी विद्यमान है। चूंकि पूर्व में विन्ध्य प्रदेश एक राज्य था, इसलिये यहां के रहवासियों में पृथक विन्ध्य के निर्माण को लेकर भावना अत्यंत गहरी है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का मानना रहा है कि छोटे राज्य बनने से वहां की स्थानीय समस्याओं का हल आसानी से होता है।'

सन 2000 में विधानसभा में अलग प्रदेश का संकल्प पारित हुआ था:  त्रिपाठी

त्रिपाठी ने आगे लिखा कि, 'भाजपा के नेतृत्व की सरकार ने ही छत्तीसगढ़, उत्तराखंड व झारखंड राज्यों का गठन किया, जो अब तेजी से विकास की ओर अग्रसर हैं। जबकि आज भी विन्ध्य क्षेत्र बेराजगारी, पलायन की समस्या व उच्चशिक्षा, स्वास्थ्य के संस्थानों के अभावों से जूझ रहा है। विन्ध्य क्षेत्र की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश विधानसभा ने पृथक विन्ध्य प्रदेश के निर्माण संबंधी संकल्प पारित कर केन्द्र सरकार को भेजा था, जो लंबित है।' उन्होंने पीएम मोदी से विन्ध्यक्षेत्र की आमजनता की ओर से प्रार्थना किया है कि स्वर्गीय अटल जी के सपनों को साकार करें व विन्ध्य क्षेत्र की जनभावना का सम्मान कर इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अलग राज्य के रूप में विन्ध्य प्रदेश का गठन करें।

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बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी समय समय पर अलग विंध्य प्रदेश बनाने का वकालत करते रहे हैं। बीते दिनों उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि अलग राज्य बनाने के लिए वह अपना सबकुछ न्यौछावर कर देंगे। इतना ही नहीं वह जनांदोलन की चेतावनी भी दे चुके हैं। बीते दिनों बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने उन्हें इन बयानबाजियों के कारण तलब भी किया था हालांकि वे शर्मा से मुलाकात के कुछ घंटे बाद ही पार्टी लाइन से विपरीत बयानबाजी करने लगे थे।