समय पर एंबुलेंस आ जाती तो बच जाती दो लोगों की जान, संजीवनी एंबुलेंस सेवा पर दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल

रविवार को सीएम के गृहक्षेत्र सीहोर में दो लोगों की मौत टाइम पर एम्बुलेंस के न आने पर हो गई, इस पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पूछा है एक हज़ार नई एम्बुलेंस कहां गई

Updated: May 02, 2022, 12:39 PM IST

समय पर एंबुलेंस आ जाती तो बच जाती दो लोगों की जान, संजीवनी एंबुलेंस सेवा पर दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल

भोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान के गृहक्षेत्र सीहोर में समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण दो लोगों की मौत हो गई। भोपाल से सटे सीहोर की यह स्थिति तब है जब पिछले हफ्ते ही मुख्यमंत्री ने एक हजार एंबुलेंस का उद्घाटन किया है। संजीवनी एंबुलेंस सेवा की लचर व्यवस्था पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

राज्यसभा सांसद ने ट्वीट किया, 'सीहोर बाईपास पर दुर्घटना में गुना जिले के चाचौड़ा के परिवार के दो लोगों की मौत की दुःखद खबर है। खबर है कि एम्बुलेंस नही पहुंचने की वजह से मौत हुई। 2 दिन पहले ही सीएम शिवराज ने भोपाल में एम्बुलेंस की प्रदर्शनी लगाकर लोकार्पण किया था तो ज़रूरत पड़ने पर एम्बुलेंस कहाँ गईं?' उन्होंने मृतक के परिजनों को संवेदना व्यक्त की है।

दरअसल, बीते 29 अप्रैल को सीएम शिवराज ने एक हजार एंबुलेंस का उद्घाटन किया था। घायलों, गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को त्वरित इलाज के लिए ये एंबुलेस सभी जिलों में भेजा गया है। सरकार का दावा है कि इसमें तमाम आधुनिक सुविधाएं हैं। इन एम्बुलेंस का रिस्पांस टाइम शहर के लिए 18 मिनट और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 25 मिनट रखा गया। लेकिन सीहोर में जब चांचौड़ा के रहने वाले एक परिवार को एक्सीडेंट हुआ तो एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच सका।

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रविवार को चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के महेशपुर ग्राम निवासी एक मीना परिवार का सीहोर में एक्सीडेंट हो गया। लेकिन एक्सीडेंट के 45 मिनट बाद भी वहां एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। एंबुलेंस आने से पहले एक मासूम बच्ची और उसके पिता की सांसों की डोर टूट चुकी थी। बाद में घायल मां- बेटे को भोपाल रेफर किया गया, जिनकी हालत भी गंभीर है।

बताया जा रहा कि 29 अप्रैल को भोपाल में लोकार्पण के बाद एंबुलेंस को सभी जिलों में भेजा तो गया है। लेकिन फिलहाल बीजेपी के स्थानीय नेताओं द्वारा उद्घाटन कार्य किया जा रहा है। ऐसे में जिन एंबुलेंस को मरीजों के पास पहुंचना था वह सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं का चक्कर काट रहे हैं, और उनका दो से चार बार तक उद्घाटन किया जा रहा है। टीकमगढ़ में तो एंबुलेंस के साथ फोटो खिंचाने के लिए भाजपा के दो विधायक आपस में भिड़ भी गए और मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है।