अपमानित हुए वन मंत्री को दिग्विजय सिंह ने सुझाए विकल्प, इस्तीफा दे दें या सीएम को हटाने की मुहिम में जुट जाएं

शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री और आदिवासी नेता विजय शाह को किया गया था अपमानित, सुरक्षाकर्मियों ने नहीं होने दिया था वन मंत्री को कार्यक्रम में शामिल, अब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने वन मंत्री को दी है हिदायत

Publish: Sep 19, 2021, 11:18 AM IST

अपमानित हुए वन मंत्री को दिग्विजय सिंह ने सुझाए विकल्प, इस्तीफा दे दें या सीएम को हटाने की मुहिम में जुट जाएं

भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक कार्यक्रम से अपमानित होकर लौटे वन मंत्री विजय शाह के मामले में प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने वन मंत्री को अपमानित होने के बाद दो विकल्प सुझाए हैं। जिस वजह से प्रदेश के सियासी हलकों में संभावनाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। 

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने वन मंत्री और आदिवासी नेता विजय शाह से कहा है कि उनके पास इस अपमान का बदला लेने के सिर्फ दो रास्ते हैं। दिग्विजय सिंह ने वन मंत्री को सलाह देते हुए कहा है कि अगर उन्हें लगता है कि उनका अपमान हुआ है तो उन्हें या तो तत्काल ही मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, अन्यथा उन्हें मुख्यमंत्री को सीएम पद से हटाने की मुहिम में जुट जाना चाहिए। 

यह भी पढ़ें : अमेरिका काट कर ले गया था हमारे सैनिकों के सिर, अभिनंदन भी अमेरिका में पकड़ाया, BJP MP का अजीब दावा

शनिवार को गोंडवाना साम्राज्य के आदिवासी राजा शहीद शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस को मेगा इवेंट तो बनाया लेकिन जब खुद प्रदेश सरकार के आदिवासी मंत्री विजय शाह कार्यक्रम स्थल पर जा रहे थे, तब उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने प्रोटोकॉल का हवाला देकर रोक लिया। 

वन मंत्री को प्रतिमाओं के दर्शन करने नहीं दिए गए। इसके बाद वन मंत्री भी बिफर गए। वन मंत्री ने कहा कि हमें हमारे ही पूर्वजों को दर्शन करने से रोक दिया गया। ऐसी व्यवस्था को मेरा दूर से ही प्रणाम। और अपने पूर्वजों को दूर से ही प्रणाम कर वापस जा रहा हूं। 

यह भी पढ़ें : जबलपुर: आदिवासियों के सम्मान में हुए अमित शाह के मेगा इवेंट में अपमानित हुए आदिवासी मंत्री विजय शाह

आदिवासी नेता को अपमानित करने का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने शिवराज सरकार की आलोचना की। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आदिवासियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में आदिवासियों को ही जाने नहीं दिया जाता।